
महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री विश्वनाथ महाकालेश्वर मंदिर में शिव तत्व की अनुभूति का जागरण
रिपोर्ट : विशाल समाचार संवाददाता
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे: सृष्टि के आदि तत्व, ध्यान-योग की अखंड परंपरा तथा संहार से नवसृजन का मार्ग प्रशस्त करने वाली चेतना के प्रतीक आदियोगी शिव के स्मरण के साथ महाशिवरात्रि का पावन पर्व Shri Vishwanath Mahakaleshwar Mandir में अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया।
माईर्स एमआईटी शिक्षण संस्था समूह, पुणे के अंतर्गत एमआईएमईआर मेडिकल कॉलेज एवं डॉ. बी. एस. तळेगांव ग्रामीण अस्पताल परिसर स्थित इस मंदिर में महाशिवरात्रि का उत्सव बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की यह रात्रि अज्ञान से ज्ञान की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर तथा अशांति से शांति की ओर ले जाने वाली आध्यात्मिक साधना की रात्रि मानी जाती है।
इस अवसर पर मंदिर में रुद्राभिषेक, जल एवं दुग्धाभिषेक, बेलपत्र एवं पुष्प अर्पण कर भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। यज्ञ, हवन, सामूहिक महाआरती तथा भजन-कीर्तन कार्यक्रमों से संपूर्ण मंदिर परिसर शिवमय हो उठा। शिवमहिम्न स्तोत्र, शिव तांडव स्तोत्र एवं शिवलीलामृत के पाठ से वातावरण भक्तिमय बन गया। “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
इस अवसर पर MIT World Peace University के संस्थापक अध्यक्ष एवं विश्वधर्मी प्रा. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल बाह्य उपासना का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आत्मजागृति का अवसर है। शिवलिंग पर अभिषेक करते समय जिस प्रकार पवित्रता का अनुभव होता है, उसी प्रकार अंतर्मन के अज्ञान, अहंकार और नकारात्मकता को दूर कर आत्मप्रकाश की ओर अग्रसर होना आवश्यक है। शिव तत्व योग, ध्यान, संयम एवं आत्मजागरण का प्रतीक है तथा सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति और लय का केंद्र भी है।
कार्यक्रम की शुरुआत काकड़ आरती से हुई, जिसके पश्चात रुद्राभिषेक, श्री शालिकराम महाराज खंदारे द्वारा हरिकीर्तन, शिवलीलामृत पारायण एवं हरिपाठ का आयोजन किया गया। तत्पश्चात Bapusaheb More के कीर्तन के साथ समारोह का समापन हुआ।
इस अवसर पर डॉ. सुचित्रा नागरे, विश्वस्त सौ. स्वाती चाटे, सौ. उषा विश्वनाथ कराड, डॉ. रत्नदीप जोशी, श्री गिरीष दाते तथा श्री योगेश पारखी सहित बड़ी संख्या में ग्रामस्थ, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

