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मॉरीशस में गूंजेगा मराठी अस्मिता का वैश्विक स्वर

मॉरीशस में गूंजेगा मराठी अस्मिता का वैश्विक स्वर

अंतरराष्ट्रीय सांगीतिक-सांस्कृतिक समारोह “मोगरा फुलला” का आयोजन 27 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक

रिपोर्ट: विशाल समाचार

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

पुणे : विश्वभर में मराठी भाषी समुदाय द्वारा प्रतिवर्ष मराठी भाषा दिवस बड़े गर्व के साथ मनाया जाता है। केंद्र सरकार द्वारा मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के बाद इस गौरव में और वृद्धि हुई है। इसी ऐतिहासिक सम्मान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने के उद्देश्य से मॉरीशस में 27 फरवरी से 3 मार्च 2026 के बीच “मोगरा फुलला” नामक भव्य अंतरराष्ट्रीय सांगीतिक एवं सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम मॉरीशस के प्रतिष्ठित सर्ज कॉन्स्टेंटिन थिएटर में आयोजित होगा। इस संबंध में जानकारी स्वान रिसर्च एंड सोशल स्टडी फाउंडेशन के अध्यक्ष शशिकांत कांबळे ने पत्रकार परिषद में दी। इस अवसर पर प्रबोधन परिवार की सन्मिता धापटे-शिंदे, गणेश शिंदे तथा फाउंडेशन के सचिव प्रसादराजे भोपळे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

यह समारोह स्वान रिसर्च एंड सोशल स्टडी फाउंडेशन तथा प्रबोधन परिवार के संयुक्त तत्वावधान में महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक मंत्रालय और मॉरीशस के कला एवं सांस्कृतिक मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। साथ ही मॉरीशस मराठी कल्चरल सेंटर ट्रस्ट, मॉरीशस मराठी मंडळी फेडरेशन, मॉरीशस मराठी स्पीकिंग यूनियन और क्रॉसवेज इंटरनेशनल का भी सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है।

वर्ष 2026 संत परंपरा के अग्रदूत संत ज्ञानेश्वर की 750वीं जयंती के रूप में मनाया जा रहा है। इसी उपलक्ष्य में यह संपूर्ण आयोजन उनके जीवनकार्य, दर्शन एवं मानवतावादी विचारों पर आधारित होगा। मराठी भाषा, अध्यात्म और संस्कृति के संगम का यह उपक्रम वैश्विक मराठी उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में गणेश शिंदे एवं सन्मिता धापटे-शिंदे प्रस्तुति देंगे, जबकि शुभांगी शिंदे ‘मी महाराष्ट्र बोलतोय’ विषय पर स्वगत प्रस्तुत करेंगी।

समारोह में मॉरीशस गणराज्य के उपराष्ट्रपति जीन रॉबर्ट इवान हंगली, कला एवं सांस्कृतिक मंत्री महेंद्र गोंदिया तथा महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशिष शेलार की प्रमुख उपस्थिति रहेगी।

मॉरीशस में निवासरत विशाल मराठी प्रवासी समुदाय को मातृभूमि की आध्यात्मिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने वाले सशक्त मंच के रूप में “मोगरा फुलला” को देखा जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम के पहले अंतरराष्ट्रीय प्रयोग के बाद आगामी चरण में इसे पेरिस (फ्रांस) में आयोजित करने की योजना है।

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