
एमआइटी डब्ल्यूपीयू में २८० क्लास में छत्रपति शिवाजी महाराज की शानदार विरासत को लाया सामने
देश में पहली बार एक अनोखा एक्सपेरिमेंट किलों की प्रदर्शनी, ब्लड डोनेशन कैंप, किताबों की प्रदर्शनी
एमआईटी डब्ल्यूपीयू में छत्रपती शिवाजी महाराज की ३९६ वीं जयंती मनाई
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे: छत्रपति शिवाजी महाराज ने न सिर्फ लोगों की भलाई, सही एडमिनिस्ट्रेशन और स्वराज्य के प्रति पक्की वफादारी पर आधारित अच्छे राज का उपदेश दिया, बल्कि अपने कामों से समाज के सामने अपना आदर्श भी रखा. इसलिए साढ़े चार सदियों बाद भी उनके विचारों की लौ बुझी नहीं है. बल्कि यह आज की पीढ़ी के खून में आत्म सन्मान, संघर्ष और देश के प्रति वफादारी की चिंगारी पैदा कर रही है. भले ही समय बदल गया हो, लेकिन शिवाजी महाराज की शानदार सोच वाली विरासत आज भी उतनी ही जिंदा, चमकदार और जीवित है. यह बात एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में पढने वाले दूसरे राज्यों के स्टूडेंट्स ने कही.
छत्रपती शिवाजी महाराज की ३९६ वीं जयंती के मौके पर एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी ने उनकी तस्वीर पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

शिवाजी महाराज की महानता और उपलब्धियां किसी एक देश या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में फैली हुई हैं, स्टूडेंट्स को उनके जीवन संदेश से अवगत कराने के मकसद से एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कार्याध्यक्ष डॉ राहुल विश्वनाथ कराड की गाइडेंस में देश में पहली बार एक अनोखी पहल की गई. इतिहास के जानकारों ने यूनिवर्सिटी के २८० क्लास रूम में ९० मिनट तक छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को पेश किया. ५-५ स्टूडेंटस ने आज के समय में छत्रपति शिवाजी महाराज के मूल्यों, नीतियों और गुणों की हमेशा प्रासंगिकता टॉपिक पर अपने विचार पेश किए.
साथ ही इस साल, स्टूडेंट्स को एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में १२ ऐतिहासिक किलों के बारे में गहरी जानकारी देने वाली एक प्रदर्शनी, एक ब्लड डोनेशन कैंप और महाराज पर छपी किताबों की एक प्रदर्शनी का भी फायदा मिला. एमआईटी डब्ल्यूपीयू के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा कराड के शुभ आर्शीवाद से यह कार्यक्रम हुआ.
इससे पहले विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.एम.चिटनीस, रजिस्ट्रार डॉ. रत्नदीप जोशी, डब्ल्यूपीयू के रजिस्ट्रार प्रो. गणेश पोकले, पीस स्टडीज के डॉ. मिलिंद पात्रे, डॉ. हितेश जोशी और शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मचारियों और छात्रों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अभिवादन किया.

इस अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज की युद्ध नीति, न्यायपालिका, प्रशासनिक व्यवस्था, कृषि नीति और आर्थिक नीति, समुद्री शक्ति, साहस, पराक्रम, जन उन्मुख लक्ष्य नीतियां, दूरदर्शी विकास विजन, पर्यावरण अनुकूल विकास और पहचान की विरासत को संरक्षित करना, छत्रपति शिवाजी महाराज का साहस, हिम्मत, आत्मविश्वास, स्वाभिमान और सबके मन में स्वराज्य जैसे मुद्दों पर विचार प्रस्तुत किए गए.
इसके अलावा स्टूडेंट्स तनिष्का पवार, प्रसाद शिंदे और शंभूराजे नितिन बानुगडे पाटील ने महाराज के जीवन पर अपने विचार बताए.

इस मौके पर स्टूडेंट काउंसिल के रिप्रेजेंटेटिव जिनमें प्रताप पुंडे, गौरांग माने, हर्षल दुधाळ, राजस शिंदे, प्रथमेश राऊत, पर्णिका तिवारी और निरंजन मानकर ने एक्टिवली हिस्सा लिया था.


