
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला गंगा/वृक्षारोपण/पर्यावरण समिति की बैठक सम्पन्न
जिला गंगा समिति, वृक्षारोपण समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जन-जागरूकता, नदी तट विकास, वनीकरण, सीवरेज उपचार हेतु आधारभूत संरचना के विकास, नदी में बहने वाले ठोस अपशिष्ट की रोकथाम, जैव विविधता संरक्षण एवं नदियों के पुनरुद्धार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने करनपुरा स्थित झरना नाला पर स्थापित 10.44 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी के निरीक्षण में आंशिक अथवा पूर्णतः निष्क्रिय पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को निर्देशित किया कि नाले का दूषित जल बिना उपचार के सीधे नदी में न जाए। समस्त गंदे पानी को पहले एसटीपी में शोधन के पश्चात ही नदी में छोड़ा जाए। नगर पालिका के जेई को नाला साफ कराने एवं एसटीपी को 24 घंटे संचालित रखने के निर्देश दिए गए।
सुनवारा बाईपास पर नदी में बह रहे ठोस अपशिष्ट की तत्काल सफाई कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों को जागरूक किया जाए कि वे नदी में कूड़ा, कपड़ा अथवा अन्य ठोस अपशिष्ट न फेंकें। मेलों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जागरूकता बैनर लगाए जाएं। यमुना नदी के किनारे श्मशान घाट के समीप खनन पर पूर्ण रोक लगाने तथा नदी तट पर किसी भी प्रकार की खनन अनुमति न देने के निर्देश खनन अधिकारी को दिए गए। नदियों के पुनरुद्धार कार्य हेतु सर्वे कराकर कार्य पूर्व एवं पश्चात की फोटोग्राफी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही ‘जल सहेलियां’ एवं ‘यमुना चौपाल’ जैसे जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं अन्य अपशिष्ट निस्तारण पर विस्तार से चर्चा हुई। संबंधित नगर निकायों को पत्र जारी कर सड़क किनारे पड़े कचरे को हटाने तथा नगर, गांव एवं शहर में स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कूड़ा जलाने की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने को कहा गया। आरआरसी के संचालन की स्थिति पर विशेष ध्यान देने तथा प्राइवेट नर्सिंग होम के बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की जांच हेतु टीम गठित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बायोमेडिकल अपशिष्ट सामान्य कचरे में न मिलाया जाए।
कचरा संग्रहण वाहनों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार संचालित करने, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण पर कार्यशाला आयोजित करने तथा लॉगबुक प्रस्तुत न करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। सुनवारा बाईपास पर टीम भेजकर जांच कराने और कूड़ा जलाने की किसी भी गतिविधि को रोकने को कहा गया।
वृक्षारोपण अभियान के संदर्भ में जिलाधिकारी ने भूमि चिन्हांकन कर व्यापक पौधरोपण कराने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और संवर्धन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, उप कृषि निदेशक आर.एन. सिंह, , डीएफओ विकास नायक, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद संतोष कुमार मिश्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित

