
देश के बुनियादी विकास में सिविल इंजीनियरों का महत्वपूर्ण योगदान
डॉ. राजेंद्र डहाळे का प्रतिपादन; बिल्डर्स एसोसिएशन द्वारा रोहिदास मोरे को ‘निर्माणरत्न 2025’ जीवनगौरव सम्मान
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: पुणे, महाराष्ट्र
पुणे। देश के बुनियादी विकास में सिविल इंजीनियर, वास्तुविद और निर्माण व्यवसाय से जुड़े विशेषज्ञों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बदलते दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर निर्माण क्षेत्र की गुणवत्ता और सुरक्षा को और सुदृढ़ करना समय की आवश्यकता है। यह प्रतिपादन गुन्हे अन्वेषण विभाग (सीआईडी) के विशेष पुलिस महानिरीक्षक डॉ. राजेंद्र डहाळे ने किया।
Builders Association of India (बीएआई) पुणे सेंटर द्वारा आयोजित तथा B. G. Shirke Construction Technology Pvt. Ltd. के प्रायोजन से संपन्न 29वीं ‘बीएआई-शिर्के वेल बिल्ट स्ट्रक्चर कॉम्पिटिशन 2025’ के पुरस्कार वितरण समारोह में वे मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन Sheraton Grand Pune Bund Garden Hotel में किया गया।
समारोह में बीएआई के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आर. राधाकृष्णन, बी. जी. शिर्के कंपनी के आर. बी. सूर्यवंशी, बीएआई महाराष्ट्र अध्यक्ष जगन्नाथ जाधव, बीएआई पुणे सेंटर अध्यक्ष अजय गुजर, डब्ल्यूबीएससी अध्यक्ष सुनील मते, उपाध्यक्ष महेश मायदेव, सचिव राजाराम हजारे, सी. एच. रतलानी तथा खजांची महेश राठी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
इस अवसर पर ‘बीएआई-पद्मश्री बी. जी. शिर्के जीवनगौरव पुरस्कार’ (निर्माणरत्न 2025) यूनिवर्सल ग्रुप के संस्थापक रोहिदास उर्फ दादासाहेब मोरे को प्रदान किया गया। उन्हें पुणेरी पगड़ी, शॉल, सम्मानचिन्ह, प्रशस्ति पत्र और 1,11,000 रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। मोरे ने पुरस्कार की संपूर्ण राशि श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा सहायता हेतु बीएआई को समर्पित कर सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
डॉ. डहाळे ने कहा कि प्रतियोगिता के विजेताओं द्वारा निर्मित फ्लैट, पुल और औद्योगिक इमारतें उच्च गुणवत्ता की हैं। देश में वर्तमान समय में महामार्ग, हवाईअड्डे और बड़े औद्योगिक प्रकल्पों का व्यापक विकास हो रहा है, जिससे युवा अभियंताओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।
सम्मान स्वीकार करते हुए रोहिदास मोरे ने कहा कि देश में मेट्रो परियोजनाएं, समृद्धि महामार्ग और अटल सेतु जैसे आधारभूत प्रकल्प विकास को गति दे रहे हैं। ऐसे समय में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देते हुए ‘इंपोर्ट सब्स्टीट्यूशन’ पर बल देना आवश्यक है। गुणवत्ता से समझौता किए बिना समय पर कार्य पूर्ण करना ही वास्तविक संतोष देता है।
अजय गुजर ने प्रस्तावना में प्रतियोगिता के उद्देश्य एवं बीएआई के विभिन्न उपक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता पिछले 29 वर्षों से निरंतर आयोजित की जा रही है, जिसमें आवासीय परिसर, वाणिज्यिक भवन, पुल, फ्लाईओवर और औद्योगिक परियोजनाओं सहित कुल 16 श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित किया जाता है।
आर. राधाकृष्णन ने बीएआई पुणे सेंटर के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से निर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं का सम्मान प्रेरणादायक है।
कार्यक्रम का संचालन एकता कपूर और संजय आपटे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सी. एच. रतलानी ने किया।
‘वेल बिल्ट स्ट्रक्चर’ प्रतियोगिता के विजेता
आवासीय श्रेणी में शिवालय कंस्ट्रक्शन, श्री ओम कंस्ट्रक्शन, कामाक्षी कंस्ट्रक्शन्स, निर्माण डेवलपर्स और प्राइड बिल्डर्स एलएलपी को सम्मानित किया गया।
वाणिज्यिक श्रेणी में तेजस इन्फ्रा टेक, भाटे एंड राजे कंस्ट्रक्शन्स प्रा. लि. और कंग्राळकर इन्फ्रास्ट्रक्चर को पुरस्कार प्रदान किए गए।
औद्योगिक श्रेणी में स्कॉन प्रोजेक्ट्स और रतिलाल भगवानदास, पायाभूत संरचना उभारणी श्रेणी में टी एंड टी इन्फ्रा लिमिटेड तथा सुमेधा इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्रा. लिमिटेड को सम्मानित किया गया।
सरकारी परियोजनाओं की श्रेणी में वेस्कॉन इंजीनियर्स लिमिटेड, एस. एस. साठे इन्फ्रा प्रा. लिमिटेड और ए. पी. एसोसिएट्स को पुरस्कार दिए गए।
वर्क अप टू बेअर शेल श्रेणी में मिलेनियम इंजीनियर्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स लिमिटेड तथा लैंडस्केप श्रेणी में सुगम कंस्ट्रक्शन्स और डिजाइन बिल्डिंग वर्कशॉप, पुणे को सम्मानित किया गया।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने पर राजपथ इन्फ्रा का विशेष सम्मान किया गया।


