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जल जीवन मिशन के तहत 8 से 22 मार्च मनाया जाएगा “जल महोत्सव” पखवाड़ा तक त

जल जीवन मिशन के तहत 8 से 22 मार्च तक मनाया जाएगा “जल महोत्सव” पखवाड़ा

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

पुणे: केंद्र सरकार के निर्देशानुसार जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8 मार्च से 22 मार्च 2026 तक देशभर में “जल महोत्सव” पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न स्तरों पर जनभागीदारी बढ़ाने और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही जिन गांवों में जल जीवन मिशन के कार्य पूरे हो चुके हैं, वहां “जल अर्पण दिवस” भी मनाया जाएगा।

जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नियमित, पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से उपलब्ध कराना है। वर्तमान समय में पानी केवल एक बुनियादी सुविधा नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति, परंपरा, आजीविका और सामुदायिक जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन अब केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित न रहकर सुरक्षित और स्थायी जल प्रबंधन, सामुदायिक जिम्मेदारी और ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।

जल महोत्सव को तीन स्तरों पर आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर “जल महोत्सव”, राज्य स्तर पर “राज्य जल उत्सव” और ग्राम स्तर पर “लोक जल उत्सव” आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पेयजल को सामाजिक और सांस्कृतिक प्राथमिकता देना, राज्यों को स्थानीय जल उत्सव संस्थागत रूप से विकसित करने के लिए प्रेरित करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा जल गुणवत्ता, सौर ऊर्जा और जल योजनाओं के रखरखाव के लिए दीर्घकालीन योजना तैयार करना है। इसके साथ ही जल सेवाओं को स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

ग्राम स्तर पर इस पखवाड़े के दौरान कई जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गांवों में ग्राम सभा आयोजित कर पानी समिति (VWSC) के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। महिलाओं द्वारा फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। “बैक टू रूट्स” अभियान के तहत जनप्रतिनिधि और ग्रामीण अपने गांव के जल स्रोतों के संरक्षण के लिए आगे आएंगे। इसके अलावा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनरुद्धार और सफाई जैसे कार्य भी किए जाएंगे।

इसी क्रम में “जल अर्पण दिवस” के तहत पूर्ण हो चुकी जल योजनाओं का औपचारिक हस्तांतरण किया जाएगा तथा ग्रामीणों द्वारा जल संरक्षण और जल प्रबंधन की सामूहिक शपथ ली जाएगी। पंचायत जल नियोजन दिवस भी मनाया जाएगा, जिसमें ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में जल प्रबंधन को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा।

प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों, ग्राम पंचायतों और नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था को और अधिक मजबूत और स्थायी बनाया जा सके।

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