
सीडब्ल्यूजी और ओलंपिक में भारत नंबर-1 बनेगा : संजय सेठ
एमआईटी डब्ल्यूपीयू के ‘द्रोणाचार्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे : वर्ष 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में देश के युवा खिलाड़ी हर खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत को नंबर-1 बनाने का संकल्प लें। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘सांसद खेल महोत्सव’ निश्चित रूप से भारत को ओलंपिक में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए। यह विश्वास केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने व्यक्त किया। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए हर जगह ‘बुक बैंक’ शुरू करने का सुझाव भी दिया।
एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी की ओर से क्रीड़ा विभाग के लिए सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नव निर्मित ‘द्रोणाचार्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के हाथों संपन्न हुआ। इस अवसर पर वे मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्याध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड ने की।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एयर राइफल शूटर अंजली भागवत और ग्रैंडमास्टर अभिजीत कुंटे सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
साथ ही एमआईटी डब्ल्यूपीयू के सीएओ डॉ. प्रसाद खांडेकर, कुलसचिव प्रा. गणेश पोकळे, क्रीड़ा विभाग के संचालक डॉ. अभय वाघ, प्रा. विलास कथुरे और प्रा. अभिजीत कचरे भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
संजय सेठ ने कहा कि द्रोणाचार्य स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे केंद्र खेल भावना को बढ़ावा देने के साथ खिलाड़ियों को सकारात्मक प्रेरणा देते हैं। जब खिलाड़ियों में ऊर्जा, अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक दृष्टिकोण होगा, तब भारत निश्चित रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ जैसी पहल से देश के युवाओं को प्रेरणा मिल रही है और इसके लिए बजट में भी प्रावधान किया गया है। विद्यार्थियों में अनुशासन विकसित करने के लिए सभी छात्रों के लिए एनसीसी को व्यापक रूप से लागू करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्याध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड ने कहा कि राजनीति, शिक्षा, धर्म, मीडिया और खेल समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। विशेष रूप से खेल और खेल भावना से बच्चों के व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन आता है, जिससे सशक्त समाज का निर्माण संभव होता है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

सीएओ डॉ. प्रसाद खांडेकर ने कहा कि एमआईटी के विद्यार्थियों को अनुशासन और खेल के माध्यम से प्रगति के अवसर देने के उद्देश्य से यह विश्वविद्यालय कार्यरत है। यहां के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रीड़ा सुविधाएं और उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय स्केटिंग खिलाड़ी श्रेयशी जोशी, अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी अनया भावसार, अंतरराष्ट्रीय स्केटिंग खिलाड़ी जिनेश नानल और अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ी यशाया कॉन्ट्रैक्टर का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने जिम्नास्टिक, जापानी मार्शल आर्ट्स और मल्लखंब के आकर्षक प्रदर्शन भी प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का संचालन प्रा. डॉ. गौतम बापट ने किया, जबकि आभार प्रा. डॉ. अभय वाघ ने व्यक्त किए।



