
महिन्द्रा एंड महिन्द्रा का पेटेंट पोर्टफोलियो पिछले दस साल में 20 गुना बढ़ा
· वित्त वर्ष 2016 में स्वीकृत 56 पेटेंट से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 1334 पेटेंट होना, यानी 20 गुना से अधिक की वृद्धि
· आवेदनों के पेटेंट में बदलने की दर पिछले एक दशक में 8% से सुधरकर 65% से अधिक हो गई है
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:मुंबई महाराष्ट्र
मुंबई, : महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) ने अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) में निरंतर निवेश और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए घोषणा की है कि पिछले एक दशक में, कंपनी को मिलने वाले पेटेंट की संख्या में 20 गुना वृद्धि हुई है। यह वित्त वर्ष 2016 में स्थापना के समय मिले 56 पेटेंट से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 1334 हो गई है।
मार्च 2026 तक एमएंडएम द्वारा दायर किए गए आवेदनों की कुल संख्या 2,728 है, जो नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति कंपनी के जुनून को दर्शाती है। प्रदान किए गए 1334 पेटेंट में से 60% ऑटोमोटिव करोबार से और 40% फार्म करोबार से संबंधित हैं। आवेदनों का पेटेंट में बदलने का अनुपात (कन्वर्जन रेशियो), जो वित्त वर्ष 2016 में 8% था, पिछले एक दशक में दायर आवेदनों के लिए सुधरकर 65% से अधिक हो गया है।
एमएंडएम के पेटेंट पोर्टफोलियो में यह वृद्धि कंपनी की बढ़ती आरएंडडी क्षमताओं को दर्शाती है। इस बढ़ते नवाचार ने कंपनी को अपनी सीमाओं को विस्तार देने और अपने ग्राहकों के लिए तकनीकी रूप से बेहतर अनुभव प्रदान करने में सक्षम बनाया है। इस पेटेंट पोर्टफोलियो में एमएंडएम की सहायक कंपनी महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड द्वारा किए गए आवेदन भी शामिल हैं।
पेटेंट के अलावा, कंपनी ने नवाचार में उत्कृष्टता के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जीते हैं। पिछले एक साल में ही, एमएंडएम ने बेस्ट पेटेंट पोर्टफोलियो के लिए सीआईआई आईपी अवार्ड, टॉप 50 इनोवेटिव कंपनी 2025 होने के लिए सीआईआई इनोवेशन अवार्ड, उद्योग-अकादमिक साझेदारी के लिए सीआईआई नेशनल अवार्ड, क्वेस्टेल आईपी एक्सीलेंस अवार्ड और सीएमओ एशिया अवार्ड्स 2025 में सम्मान प्राप्त किया है।


