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नरवाई जलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई   

नरवाई जलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई   

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान:रीवा मध्य प्रदेश

 

रीवा . कई किसान अज्ञानतावश फसल कटाई के बाद खेत में शेष बचे फसल के अवशेष नरवाई को जला देते हैं। इससे पर्यावरण को हानि पहुंचने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने वाले जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं। नरवाई जलाने की प्रत्येक घटना की सेटेलाइट इमेज से मॉनीटरिंग की जा रही है। उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने कहा है कि किसान फसल की कटाई के बाद नरवाई न जलाएं। यह पर्यावरण तथा खेत को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रावधानों के तहत आपराधिक कृत्य भी है। नरवाई जलाने वाले किसानों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसान के स्वामित्व के भूमि के रकबे के आधार पर जुर्माने का निर्धारण किया जाएगा।

 

उप संचालक ने कहा है कि गेंहू तथा अन्य फसलों की कटाई के बाद शेष बची नरवाई को स्ट्रारीपर से भूसा बना लें। ट्रैक्टर अथवा रोटावेटर से गहरी जुताई करके भी नरवाई को नष्ट किया जा सकता है। इससे नरवाई मिट्टी में मिल जाती है और बारिश में सड़कर फसल के लिए उपयोगी खाद बन जाती है। गेंहू की कटाई के लिए हार्वेस्टर का उपयोग करते समय स्ट्रारीपर अनिवार्य रूप से लगाएं। गेंहू के बाद यदि मूंग अथवा अन्य गर्मी की फसल लेनी है तो हैप्पी सीडर और सुपर सीडर का उपयोग किया जा सकता है। इनसे जुताई करने पर नरवाई नष्ट होने के साथ-साथ फसल की बुवाई भी हो जाती है। किसानों को जुताई में होने वाला खर्च बच जाता है। नरवाई जलाने पर प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 के प्रावधानों के तहत प्रतिबंध है। सभी किसान इसका पालन करें।

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