
लखनऊ से आदेश, जिलाधिकारी को अपील… फिर भी कार्रवाई की जानकारी नहीं, अब सूचना आयोग पहुंचेगा मामला
रिपोर्ट:विशाल समाचार
स्थान: इटावा ,उत्तर प्रदेश
इटावा।जिला पंचायत राज विभाग से जुड़े एक प्रकरण में शिकायतों, मीडिया रिपोर्टों और आरटीआई के बावजूद कार्रवाई की जानकारी सामने न आने से प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। ‘विशाल समाचार’ के संपादक देवेन्द्र सिंह तोमर (डी.एस. तोमर) ने अब इस पूरे मामले को राज्य सूचना आयोग तक ले जाने की तैयारी कर ली है।
जानकारी के अनुसार ‘विशाल समाचार’ की ओर से पहले मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जिला पंचायत राज विभाग में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की गई थी। इसके बाद सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत यह जानकारी मांगी गई कि शिकायतों पर विभाग ने क्या कार्रवाई की और उसके आदेशों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
बताया गया कि इन शिकायतों के संबंध में लखनऊ स्तर से आदेश जारी होने के बाद मामला जिला प्रशासन को भेजा गया था। इसके बावजूद जब मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई तो अपीलकर्ता द्वारा प्रथम अपील जिलाधिकारी इटावा के समक्ष प्रस्तुत की गई।
इसके बाद भी निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इस बीच संबंधित अधिकारी Banwari Singh के समयपूर्व सेवानिवृत्त होने के बाद मामला और चर्चा में आ गया।
अपीलकर्ता का कहना है कि जब शिकायतें, समाचार रिपोर्ट और आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी जा चुकी है, तो कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करना प्रशासनिक जवाबदेही का हिस्सा होना चाहिए।
अब प्रकरण को Uttar Pradesh State Information Commission में द्वितीय अपील के माध्यम से उठाने की तैयारी की जा रही है। अपीलकर्ता का कहना है कि यदि आयोग स्तर पर भी सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो आगे न्यायिक विकल्पों का सहारा लेते हुए उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय तक जाने पर भी विचार किया जाएगा।



