
इटावा: निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में डीएम सख्त, गुणवत्ता और समयसीमा पर दिया जोर
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान :इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा,। कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में जनपद में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ द्वारा जिला कारागार की 102 मीटर लंबी जर्जर मुख्य दीवार के पुनर्निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि जेल की दीवार सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने दीवार का तकनीकी परीक्षण कराने और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही अग्निशमन केंद्र इटावा में आवासीय भवनों के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई।
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के अंतर्गत सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में चल रहे कार्यों पर चर्चा करते हुए डीएम ने 50 बेड के क्रिटिकल ब्लॉक के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरी तरह इंजीनियरों की निगरानी में होना चाहिए और इसे केवल ठेकेदारों के भरोसे न छोड़ा जाए। इसके अलावा सैफई मेडिकल कॉलेज में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के विस्तार, प्रीफैब्रिकेटेड निर्माण, ओपीडी भवन के बाहर भूतल से पांचवें तल तक रैंप, 300 बेड के गायनी ब्लॉक और पैरामेडिकल आवासीय भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
संयुक्त चिकित्सालय इटावा में अग्निशमन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी विशेषज्ञ संस्था से निरीक्षण कराया जाए ताकि आगजनी की घटनाओं को रोका जा सके और सभी उपकरण सही स्थिति में रहें।
प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज उदी में पेयजल, शौचालय और मल्टीपर्पज हॉल तथा राजकीय हाईस्कूल सहसों में दीवार निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। विकास खंड ताखा में कस्तूरबा बालिका विद्यालय का एकेडमिक हॉल पूर्ण होने पर डीएम ने इसे नवरात्रि से शुरू कराने के निर्देश दिए। वहीं विकास खंड महेवा के ग्राम बहेड़ा में अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय तथा राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय नगला हीरालाल में ट्रांजिट हॉस्टल निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बैठक में ऐतिहासिक विक्टोरिया मेमोरियल हॉल (पक्का तालाब) के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य की भी समीक्षा हुई। पिलुआ महावीर मंदिर में निर्माणाधीन यात्री भवन को सामने न बनाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि यात्रियों के लिए वहां तक पहुंचने का मार्ग सुगम और बेहतर बनाया जाए।
ग्राम सिंडौस (चकरनगर) में ग्रामीण स्टेडियम निर्माण को लेकर जिलाधिकारी ने मैदान से कंकड़-पत्थर हटाकर घास लगाने तथा जलभराव की समस्या दूर करने के निर्देश दिए, ताकि तीन से चार महीने में मैदान खेलने योग्य हो सके।
नलकूप खंड प्रथम की समीक्षा के दौरान सामने आया कि 14 नलकूप पिछले दो वर्षों से बिजली कनेक्शन के अभाव में बंद पड़े हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल समन्वय स्थापित कर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और नलकूपों को चालू कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रमेश चंद्र, विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

