सरकारी मेडिकल कॉलेजों को स्वायत्तता देने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान :मुंबई, महाराष्ट्र
राज्य के प्रमुख सरकारी वैद्यकीय महाविद्यालयों और अस्पतालों को स्वायत्तता देने के लिए राज्य सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति इन संस्थानों को स्वायत्त दर्जा देने के लिए विस्तृत नीतिगत खाका तैयार करेगी। यह निर्णय मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के निर्देश पर लिया गया है।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति के अध्यक्ष के रूप में राज्य के पूर्व मुख्य सचिव जयंत कुमार बांठिया को नियुक्त किया गया है। समिति मुंबई के ग्रांट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज व सर जे.जे. समूह अस्पताल तथा नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल को स्वायत्तता देने के संबंध में अध्ययन कर अपनी सिफारिशें देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वायत्तता के माध्यम से राज्य की प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थाओं की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध क्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
समिति में टाटा मेमोरियल अस्पताल के पूर्व निदेशक डॉ. राजेंद्र बडवे, केईएम अस्पताल के पूर्व निदेशक डॉ. संजय ओक, ग्रांट मेडिकल कॉलेज के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. रणजीत माणकेश्वर, बी.जे. सरकारी मेडिकल कॉलेज पुणे के प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कार्यकर्ते और महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलसचिव को सदस्य बनाया गया है। महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद के प्रबंधक समिति के सदस्य सचिव होंगे।
समिति राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की वर्तमान प्रशासनिक और शैक्षणिक संरचना का अध्ययन करेगी तथा देश-विदेश के सफल मॉडलों का भी विश्लेषण करेगी। इसमें एम्स, पीजीआई चंडीगढ़ और टाटा मेमोरियल जैसी संस्थाओं की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी शामिल रहेगा।
समिति स्वायत्त संस्थाओं के लिए संचालक मंडल और शैक्षणिक परिषद की संरचना, निदेशक व अधिष्ठाता के अधिकार, वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था, आंतरिक राजस्व सृजन, लेखा प्रणाली तथा कर्मचारियों और शिक्षकों की सेवा शर्तों को लेकर अपनी सिफारिशें देगी।
सरकार ने समिति को तीन महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समिति को आवश्यक तकनीकी सहायता चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान संचालनालय (डीएमईआर) द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सदस्यों को शासन के नियमों के अनुसार मानदेय और अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे।

