पूणेप्रशासनमहाराष्ट्र

‘रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम’ लड़कियों के स्व-सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहल: दादाजी भुसे

‘रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम’ लड़कियों के स्व-सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहल: दादाजी भुसे

▪️ 12 हजार से अधिक छात्राओं और शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण का लाभ

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान: पुणे महाराष्ट्र

पुणे,  ‘रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम’ केवल कराटे प्रशिक्षण नहीं, बल्कि छात्राओं के स्व-सुरक्षा, आत्मविश्वास और सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह बात राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने कही।

वे पुणे स्थित सर परशुराम महाविद्यालय में स्कूल शिक्षा एवं खेल विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे, राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक डॉ. हेमंत वसेकर, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. महेश पालकर, प्राथमिक शिक्षा निदेशक शरद गोसावी सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।

भुसे ने कहा कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि जीवन की एक महत्वपूर्ण अनुशासनात्मक प्रक्रिया है। हर छात्रा को आत्मनिर्भर बनकर अपनी सुरक्षा करने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल कक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत राज्य की कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को मार्शल आर्ट, पूर्व सैनिकों द्वारा प्रशिक्षण और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर छात्राओं को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। यह पहल महिला सशक्तिकरण और आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पुणे की महापौर मंजुषा नागपुरे ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं और इन्हें एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि जीवनभर के लिए उपयोगी शिक्षा के रूप में देखा जाना चाहिए।

कार्यक्रम में हभप अक्षय महाराज भोसले ने “जीवन कौशल” विषय पर मार्गदर्शन किया, जबकि आर्ट ऑफ लिविंग की मनीषा चंद्रा ने आत्मशांति और आत्मनियंत्रण पर विचार रखे। प्रशिक्षक शेफुजी शौर्य भारद्वाज के निर्देशन में प्रशिक्षण दिया गया।

इस कार्यक्रम में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिकाओं की 416 से अधिक स्कूलों की 12 हजार से ज्यादा छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लेकर प्रशिक्षण का लाभ उठाया।

कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे और इस पहल को छात्राओं के समग्र विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button