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विकसित भारत युवा संसद प्रतियोगिता में रचित मिश्रा रहे प्रथम

विकसित भारत युवा संसद प्रतियोगिता में रचित मिश्रा रहे प्रथम दिल्ली की संसद में गूंजेगा विंध्य का स्वर

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान: रीवा मध्य प्रदेश

रीवा . भोपाल के विधानसभा परिसर स्थित मानसरोवर भवन में आयोजित “विकसित भारत युवा संसद 2026” का राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम उत्साह और ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 54 जिलों से चयनित लगभग 270 युवाओं ने भाग लिया और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने रचित मिश्रा को बधाई दी।

प्रतियोगिता में रीवा के रचित मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विंध्य क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया। रचित मिश्रा अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ के सक्रिय स्वयंसेवक हैं। उनके प्रभावशाली विचार, सशक्त तर्कशक्ति और उत्कृष्ट मंचीय प्रस्तुति ने निर्णायकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। अब वे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे, जहां उनकी आवाज़ दिल्ली की संसद तक गूंजेगी। रचित मिश्रा ने इस सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों, राष्ट्रीय सेवा योजना, माता-पिता, दादा-दादी तथा नाना-नानी को दिया। उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था, जिसमें उन्हें यह सफलता प्राप्त हुई। अब वे भारत की संसद में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, जो समूचे विंध्य क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण होगा।

उल्लेखनीय है कि प्रतियोगिता का विषय “यूनियन बजट 2026 में विकसित भारत के लिए युवाओं का मार्गप्रस्त करना था। अपने प्रभावशाली भाषण में रचित मिश्रा ने विकसित भारत के निर्माण हेतु युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। साथ ही शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शामिल करने तथा “एक विद्यार्थी, एक कौशल” के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने हरित रोजगार को प्रोत्साहित कर पर्यावरण संरक्षण और बेरोजगारी, दोनों समस्याओं के समाधान पर बल दिया। रचित मिश्रा ने यह भी कहा कि युवाओं को राष्ट्रीय सेवा योजना जैसी गतिविधियों में भाग लेना चाहिए, जो उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास में सहायक होती हैं।

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