
पुणे ग्रामीण जिले में धारा 37(1) और (3) लागू, 16 अप्रैल तक प्रतिबंध
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, (सोहन सिंह) – पुणे ग्रामीण जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अपर जिला दंडाधिकारी ज्योति कदम द्वारा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37(1) और (3) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। यह आदेश 16 अप्रैल 2026 की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार, जिले में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा:
किसी भी प्रकार के ज्वलनशील या विस्फोटक पदार्थ साथ लेकर चलना।
पत्थर, हथियार, या फेंकने योग्य वस्तुएं साथ रखना।
तलवार, भाला, लाठी, डंडा, बंदूक या किसी भी प्रकार के घातक हथियार ले जाना।
किसी व्यक्ति या नेता के पुतले का प्रदर्शन या दहन करना।
जोर-जोर से नारेबाजी, आपत्तिजनक घोषणाएं या वाद्य बजाना।
ऐसे भाषण देना या सामग्री प्रसारित करना जिससे कानून-व्यवस्था या राज्य की सुरक्षा को खतरा हो।
इसके साथ ही धारा 37(3) के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। बिना पुलिस अधीक्षक, पुणे ग्रामीण की पूर्व अनुमति के किसी भी सभा या जुलूस की अनुमति नहीं होगी।
हालांकि, यह आदेश शासकीय सेवाओं में कार्यरत उन व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपने कर्तव्य के निर्वहन के लिए हथियार रखने की अनुमति प्राप्त है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 135 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



