नोबल हॉस्पिटल अँड रिसर्च सेंटर के डॉक्टरों की टीम ने चार साल के बच्चे के पेट से टूथपिक सफलतापूर्वक निकाली
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान :पुणे महाराष्ट्र
पुणे, : नोबल हॉस्पिटल अँड रिसर्च सेंटर के डॉक्टरों की टीम ने चार साल के एक बच्चे के पेट से टूथपिक सफलतापूर्वक निकाल ली.
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए नोबल हॉस्पिटल अँड रिसर्च सेंटर के कन्सल्टंट गॅस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट डॉ. प्रमोद कटारे ने बताया कि, हडपसर परिसर में रहने वाले चार साल के बच्चे को उसके माता-पिता इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए थे.उसे पेट में तेज दर्द हो रहा था. सीटी स्कैन करने के बाद पेट के ऊपरी हिस्से (फंडस) में टूथपिक फंसी हुई दिखाई दी. टूथपिक के दोनों सिरे पेट की दीवारों में फंसे हुए थे.
डॉ. कटारे ने बताया कि, कई बार पेट में गई वस्तुएं सुरक्षित रूप से शरीर से बाहर निकल जाती हैं या निकाल ली जाती हैं, लेकिन टूथपिक जैसी धारदार वस्तुओं से आंतों में छेद होने या रक्तस्राव का खतरा अधिक रहता है. इसलिए ऐसी वस्तु पाए जाने पर उसे तुरंत एंडोस्कोपी के माध्यम से निकालना जरूरी होता है. इस बच्चे के मामले में एंडोस्कोप को गले के रास्ते पेट में डालकर टूथपिक निकाली गई. टूथपिक के कारण हुए छोटे छेद से कुछ समय तक रक्तस्राव हुआ, लेकिन वह जल्द ही रुक गया.
डॉक्टरों की टीम में डॉ. प्रमोद कटारे और एनेस्थेटिस्ट डॉ. प्रतीक कदम शामिल थे. उपचार के बाद बच्चे को अगले ही दिन घर भेज दिया गया और अब उसकी हालत अच्छी है.
नोबल हॉस्पिटल अँड रिसर्च सेंटर के ईमर्जन्सी व ट्रॉमा विभाग के प्रमुख डॉ. प्रथमेश राउत ने कहा कि इस तरह की तीक्ष्ण वस्तुएं छोटे बच्चों की पहुंच से दूर, ऊंची अलमारियों में रखनी चाहिए. साथ ही यदि बच्चा किसी बाहरी वस्तु को निगल ले, तो उसे तुरंत टर्शियरी केयर अस्पताल ले जाना चाहिए, जहां बहु-विषयक टीम और जीवन बचानेवाले उपचार उपलब्ध होते हैं.
नोबल हॉस्पिटल अँड रिसर्च सेंटर के उप-व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. दिविज माने ने कहा कि, बच्चे का अगले ही दिन दैनंदिन ज़िंदगी जीना शुरू करना हमारे लिए बेहद खुशी की बात है.



