पूणेमहाराष्ट्र

सोशल मीडिया से दूर रहकर खुद को जानें अभिनेता संजय मिश्रा :

सोशल मीडिया से दूर रहकर खुद को जानें अभिनेता संजय मिश्रा :

एमआईटी डब्ल्यूपीयू में दादासाहेब फाल्के स्टूडियो का उद्घाटन

नेशनल स्टूडेंट फिल्म फेस्टिवल की घोषणा

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

पुणे, “हम खुद को भूल रहे हैं और दुनिया को एक्सप्लोर कर रहे हैं. ऐसे समय में, सोशल मीडिया से दूर रहकर खुद को जानें. भीड़ का हिस्सा न बनें. स्वतंत्र रूप से सोचना सीखें. ” यह अपील जाने-माने अभिनेता संजय मिश्रा ने स्टूडेंट्स से की.

एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म स्कूल में एक अत्याधुनिक स्टूडियो का उद्घाटन, नेशनल स्टूडेंट फिल्म फेस्टिवल का लॉन्च और कॉफी टेबल बुक रिलीज सेरेमनी कोथरुड में एमआईटी डब्ल्यूपियू के विवेकानंद ऑडिटोरियम में हुई. वे इस मौके पर वे बतौर मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे.

इस अवसर पर निर्देशक नागराज मंजुले, अभिनेता संतोष जुवेकर, दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म स्कूल के संरक्षक अभिजीत पानसे और छायाकार प्रशांत महोपात्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे.

कार्यक्रम की अध्यक्षता एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कार्याध्यक्ष डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड ने निभाईं.

साथ ही एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कुलपति डॉ. आर.एम. चिटनिस और अरुण प्रकाश भी उपस्थित थे.

इस अवसर पर राज्य मंत्री उदय सामंत ने ऑनलाइन भाषण में कहा, मुझे विश्वास है कि दादासाहेब फाल्के स्कूल के छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निश्चित रूप से अपना नाम बनाएंगे. आज देश-विदेश के छात्र भारत रत्न लता मंगेशकर के नाम पर मुंबई में शुरू किए गए अंतरराष्ट्रीय संगीत महाविद्यालय में अध्ययन कर रहे हैं. उसी तरह, बड़ी संख्या में छात्र फिल्म का ज्ञान प्राप्त करने के लिए इस विश्वविद्यालय में अध्ययन करेंगे.

 

डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड ने कहा, फिल्में सोशल एजुकेशन का काम अच्छे से कर सकती हैं. इसलिए, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और एक्टर के साथ मिलकर सोशल एजुकेशन करनी चाहिए. प्रोफेशनल सिद्धांतों का सख्ती से पालन किया जाता है, लेकिन एजुकेशन कोई बिजनेस नहीं हो सकता.जिसे हमने हमेशा बनाए रखा है. हम डेमोक्रेटिक वैल्यू सिखाते हैं. मेंटली, हमने हमेशा वेस्टर्न देशों को बेहतर और खुद को सेकेंडरी माना है. असलियत ऐसी नहीं है. इंसान होने के नाते, हमें आगे आकर ठोस काम करना चाहिए.

 

नागराज मंजुले ने कहा, अगर आप कोई भी फिल्म बनाना चाहते हैं, तो उसके लिए साधना बहुत जरूरी हैं. उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है विचारों के घालमेल को दूर कर सही दिशा में सोचने की क्षमता रखें. जो फिल्म फेस्टिवल अनाउंस किया गया है, वह बहुत ज़रूरी है.

इसके बाद एक्टर संतोष जुवेकर ने शुभकामनाएं दीं.

डॉ. आर.एम. चिटनिस ने इंट्रोडक्शन में कहा कि एमआईटी डब्ल्यू पीयू का स्टूडियो एशिया में सबसे अच्छा है. अभिजीत पानसे ने वेलकम स्पीच दी.

डॉ. गौतम बापट ने प्रोग्राम को मॉडरेट किया. अरुण प्रकाश ने आभार जताया.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button