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स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवैध क्लीनिक संचालित करने पर की गई कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवैध क्लीनिक संचालित करने पर की गई कार्रवाई

क्लीनिक को सील कर दवाइयाँ की गईं जप्त

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:रीवा, मध्य प्रदेश

रीवा . स्वास्थ्य विभाग द्वारा रीवा और मऊगंज जिले में अवैध क्लीनिक संचालित करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ग्राम इटहा कला में संचालित निजी क्लीनिक वोपी विश्वास अवैध रूप से संचालित पाई गई। क्लीनिक में अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा था। क्लीनिक से विभिन्न प्रकार की एलोपैथिक दवाएं, इंजेक्शन, मेडिकल उपकरण एवं अपूर्ण अभिलेख जब्त किए गए हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिक पाए जाने पर क्लीनिक को सील कर दिया गया है और क्लीनिक संचालक के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। सीएमएचओ ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं, क्लीनिक, डिस्पेंसरी, झोला छाप के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में संचालित संदिग्ध क्लीनिकों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई की जा रही है। गंगेव ब्लॉक में संचालित मित्र डेन्टल क्लीनिक डॉ. जावेद मुश्ताक मन्सूरी व डॉ प्रशांत तिवारी डेंटल क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया, जिसमें निरीक्षण के दौरान वैध दस्तावेज पाए गए लेकिन मेडिकल बायोवेस्ट का सही निस्तारण न होने के कारण उनको भी अंतिम चेतावनी देते हुए सुधार के निर्देश दिए गए।

सीएमएचओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध चिकित्सा गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे संस्थानों के विरुद्ध लगातार अभियान जारी रहेगा। आमजन से अपील की गई है कि वे केवल पंजीकृत एवं अधिकृत चिकित्सकों से ही उपचार कराएं तथा किसी भी संदिग्ध क्लीनिक की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। अभियान में स्वास्थ्य विभाग की टीम में डॉ. के बी गौतम जिला स्वास्थ्य अधिकारी, ऋतुराज पाठक खंड चिकित्सा अधिकारी नईगढ़ी, ऋषिराज गौतम उप जिला मीडिया अधिकारी, प्रभारी लिपिक मनोज तिवारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। विभाग द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बिना वैध लाइसेंस एवं पंजीयन के स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वालों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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