
जिलाधिकारी ने शिक्षा योजनाओं की समीक्षा की, नए प्रवेश बढ़ाने पर दिया जोर
रिपोर्ट:विशाल समाचार
स्थान:इटावा, उत्तर प्रदेश
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि नव भारत साक्षरता कार्यक्रम 2025-26 के अंतर्गत व्यय प्रतिशत 27.85 प्रतिशत है। इस योजना के तहत 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के अशिक्षित वयस्कों को बुनियादी शिक्षा, संख्यात्मक ज्ञान एवं जीवन कौशल शिक्षा दी जाती है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि अशिक्षित व्यक्तियों का चिन्हांकन कर व्यापक सर्वे कराया जाए और संख्या बढ़ाने हेतु कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
स्कूल चलो अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अब तक 13,062 नए प्रवेश हुए हैं। जिलाधिकारी ने ऐसे विद्यालयों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां शून्य अथवा अत्यंत कम प्रवेश हुए हैं। जसवंतनगर क्षेत्र में लगभग 100 विद्यालयों में 10 से कम प्रवेश होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। भरथना क्षेत्र के दो विद्यालयों में शून्य प्रवेश पाए जाने पर कारणों का विश्लेषण करने को कहा गया।
शारदा अभियान की समीक्षा के दौरान आउट ऑफ स्कूल श्रेणी के 229 बच्चों के चिन्हांकन एवं नामांकन पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य, पंचायत एवं श्रम विभाग से समन्वय स्थापित कर विद्यालय से बाहर बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे स्टेशन एवं कूड़ा बीनने वाले बच्चों तक पहुंच बनाकर उन्हें विद्यालयों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए तथा विद्यालय परिसर स्वच्छ रखा जाए। उन्होंने प्रत्येक माह विद्यालयों का रैंडम निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि सपोर्टिंग सुपरविजन के अंतर्गत एसआरजी की प्रगति 100 प्रतिशत तथा डायट मेंटर्स की प्रगति 68 प्रतिशत है। वहीं कक्षा-1 हेतु संचालित स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम 1222 विद्यालयों में चलाया जा रहा है।
कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं के लर्निंग आउटकम की प्रगति 40 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने ऐसे विद्यालयों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां एक भी बच्चा निपुण नहीं है। उन्होंने संबंधित शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करने तथा 100 प्रतिशत निपुण लक्ष्य प्राप्त करने वाले विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानित करने की बात कही।
परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 79 विद्यालयों में से 12 विद्यालयों से लाइन हटाई जा चुकी है, जबकि 67 विद्यालयों में कार्य शेष है। जिलाधिकारी ने शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
आरटीई के अंतर्गत 1146 लक्ष्य के सापेक्ष 124 बच्चों का प्रवेश शेष पाए जाने पर जिलाधिकारी ने लक्ष्य जल्द पूरा करने को कहा। समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित समर्थ पोर्टल पर 2064 बच्चों का पंजीकरण है, जिनमें 91 नए प्रवेश हुए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में प्राथमिकता नए प्रवेश बढ़ाने पर होनी चाहिए। उन्होंने पीएम श्री विद्यालयों की विशेष मॉनिटरिंग करने और शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


