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राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी की सख्त कार्रवाई, 

राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी की सख्त कार्रवाई, 

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: सीतामढ़ी बिहार 

जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में विभिन्न अंचलों में राजस्व संबंधी मामलों के निष्पादन में पाई गई लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित कर्मियों एवं पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 

बैठक के दौरान समीक्षा में पाया गया कि नानपुर प्रखंड के राजस्व कर्मी पवन कुमार द्वारा बिहार सरकार की भूमि को मठ की भूमि दर्शाते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित डीसीएलआर से विस्तृत जांच कराने तथा जांच प्रतिवेदन प्राप्त करने हेतु अपर समाहर्ता को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

 

इसी प्रकार बथनाहा अंचल के राजस्व कर्मी राजेंद्र ठाकुर द्वारा राम जानकी मठ की भूमि के दाखिल-खारिज की अनुशंसा किए जाने का मामला सामने आया, जिसके आधार पर उक्त भूमि का म्यूटेशन भी कर दिया गया।

 

वहीं, रुन्नीसैदपुर प्रखंड के राजस्व कर्मी रिन्तु कुमार द्वारा श्मशान भूमि के म्यूटेशन की अनुशंसा किए जाने तथा अंचल अधिकारी द्वारा उसका निष्पादन कर दिए जाने का मामला भी समीक्षा के दौरान उजागर हुआ।

 

समीक्षा के क्रम में रीगा प्रखंड के राजस्व कर्मी धर्मेंद्र कुमार के कार्यों में भी गंभीर कमियां पाई गईं। जिलाधिकारी ने पाया कि उनके द्वारा परिमार्जन एवं दाखिल-खारिज के अनेक मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया है। साथ ही कार्य निष्पादन में शिथिलता एवं अनुशासनहीनता भी परिलक्षित हुई।

उक्त सभी मामलों को गंभीर प्रशासनिक त्रुटि मानते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित राजस्व कर्मियों के कार्यों की विस्तृत जांच कराने तथा उनके विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ गठित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त नानपुर, बथनाहा एवं रुन्नीसैदपुर के अंचल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराते हुए अगले आदेश तक उनके वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया।

उपरोक्त सभी राजस्व कर्मियों द्वारा की गई अनुशंसा एवं उक्त आलोक में अंचल अधिकारी द्वारा लिए गए निर्णय की गहन जांच कराने का निर्देश है। जांचोपरांत प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित पर कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

 

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपयोग की भूमि तथा धार्मिक संस्थाओं से संबंधित भूमि मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा तथ्यहीन प्रतिवेदन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी राजस्व पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि भूमि संबंधी मामलों का निष्पादन पूरी सतर्कता, तथ्यात्मक जांच एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप किया जाए।

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