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नॉन-टेक प्रोफेशनल्स ने आर्थिक वर्ष 2026 में ग्रेट लर्निंग के एआय एनरोलमेंट्स में बहुमत दर्ज किया; नो कोड एआय लर्निंग को मिला बढ़ावा

नॉन-टेक प्रोफेशनल्स ने आर्थिक वर्ष 2026 में ग्रेट लर्निंग के एआय एनरोलमेंट्स में बहुमत दर्ज किया; नो कोड एआय लर्निंग को मिला बढ़ावा

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:  नई दिल्ली

 

नई दिल्ली ,  उच्च शिक्षा और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए अग्रणी वैश्विक एड-टेक कंपनी ग्रेट लर्निंग ने खुलासा किया कि आर्थिक वर्ष 2026 में उसके एआय प्रोग्राम्स में दाखिला लेने वालों में 66% प्रोफेशनल्स गैर-तकनीकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि से थे। यह भारत के अपस्किलिंग परिदृश्य में हो रहे बदलाव को दर्शाता है, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स एआय -आधारित कार्यस्थलों में प्रासंगिक बने रहने के लिए नो कोड एआय टूल्स अपना रहे हैं, ताकि वे अपनी उत्पादकता और कार्यक्षमता बढ़ा सकें।

 

इस बढ़ती मांग को मुख्य रूप से अनुभवी प्रोफेशनल्स आगे बढ़ा रहे हैं। गैर-तकनीकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले कुल एनरोलमेंट्स में से लगभग 64% ऐसे प्रोफेशनल्स थे जिनके पास 12 वर्षों से अधिक का अनुभव था। इनमें बीएफएसआई, हेल्थकेयर और फार्मा, मैन्युफैक्चरिंग, एजुकेशन और रिसर्च, एफएमसीजी और रिटेल जैसे क्षेत्रों के वरिष्ठ लीडर्स, फंक्शनल और बिजनेस हेड्स शामिल हैं।

 

मार्केटिंग, एचआर, फाइनेंस, ऑपरेशंस, प्रोडक्ट और सेल्स जैसे विभागों के प्रोफेशनल्स यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि एआय -आधारित ऑटोमेशन किस तरह वर्कफ्लो को आसान बना सकता है, ऑपरेशनल खर्च कम कर सकता है, निर्णय लेने की गति बढ़ा सकता है और बेहतर बिजनेस परिणाम दे सकता है। जैसे-जैसे एआय मुख्यधारा में शामिल हो रहा है और बिजनेस ऑपरेशंस का अहम हिस्सा बनता जा रहा है, वैसे-वैसे एआय पहल को प्रयोगों से आगे बढ़ाकर बड़े स्तर पर लागू करने की क्षमता एक महत्वपूर्ण लीडरशिप स्किल बनती जा रही है।

 

यह ट्रेंड भारतीय कार्यस्थलों में हो रहे व्यापक बदलाव को भी दर्शाता है। माइक्रोसॉफ्ट के वर्क ट्रेंड इंडेक्स 2026 के अनुसार, एआय उपयोग करने वाले 65% लोगों को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए कार्यस्थल पर एआय इस्तेमाल करने का दबाव महसूस होता है। इससे स्पष्ट है कि एआय की समझ अब विभिन्न भूमिकाओं, विभागों और उद्योगों में एक मुख्य प्रोफेशनल अपेक्षा बनती जा रही है।

 

इस बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए, ग्रेट लर्निंग ने अपने अधिकांश प्रोग्राम्स में नो कोड लर्निंग ट्रैक्स शुरू किए हैं। अब विद्यार्थी एक ही प्रोग्राम में कोडिंग ट्रॅक या नो कोड ट्रॅक में से चुन सकते हैं। एआय क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के कारण प्रोफेशनल्स लंबे समय वाले कोर्स में निवेश करने को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं। इसलिए, ग्रेट लर्निंग के अधिकांश नए एआय प्रोग्राम्स को तीन से पाँच महीने की अवधि में डिजाइन किया गया है।

 

इन प्रोग्राम्स में लगभग 70% सीखने की प्रक्रिया प्रोजेक्ट्स, वास्तविक दुनिया के उपयोग, और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स द्वारा लाइव डेमोंस्ट्रेशन पर आधारित है।

 

नॅशनल टेक्नोलॉजी डे के अवसर पर,अर्जुन नायर ने कहा: “नॅशनल टेक्नोलॉजी डे हमें याद दिलाता है कि भारत की सबसे बड़ी तकनीकी उपलब्धियाँ हमेशा तकनीक को अधिक लोगों तक पहुँचाने पर केंद्रित रही हैं। एआय अब केवल तकनीकी टीमों तक सीमित नहीं है। आज फाइनेंस, हेल्थकेयर या सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स भी बिना गहरी कोडिंग विशेषज्ञता के शक्तिशाली एआय टूल्स का उपयोग कर सकते हैं। वे एआय की क्षमताओं को समझकर वर्कफ्लो ऑटोमेट कर सकते हैं, इनसाइट्स तैयार कर सकते हैं और अपने संगठनों की कार्यप्रणाली को बेहतर बना सकते हैं।

 

ग्रेट लर्निंग में हम गैर-तकनीकी प्रोफेशनल्स को भी एआय नेटिव बनने और अपने दोहराए जाने वाले कार्यों के लिए एआय -फर्स्ट सोच अपनाने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि उनकी उत्पादकता और प्रभाव बढ़ सके। भारत की नवाचार भावना का उत्सव मनाने वाले इस दिन पर, हम उस अगले परिवर्तन की ओर देख सकते हैं जो केवल टेक्नोलॉजी टीमों से नहीं, बल्कि हर विभाग और हर उद्योग से आएगा।”

 

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