
इटावा के प्राथमिक विद्यालय खदिया में बड़ा खेल! बच्चों से सफाई, स्कूल लेट खुलने और फर्जी उपस्थिति के आरोप
विशाल समाचार टीम की ग्राउंड रिपोर्ट में खुलासा, बीएसए अधिकारी पर भी उठे सवाल — ग्रामीणों ने कार्रवाई की उठाई मांग
रिपोर्ट :विशाल समाचार संवाददाता
स्थान इटावा, लखनऊ,उत्तर प्रदेश
इटावा। विकास खंड जसवंतनगर स्थित प्राथमिक विद्यालय खदिया में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। इस पूरे मामले का खुलासा विशाल समाचार टीम द्वारा की गई ग्राउंड रिपोर्टिंग में हुआ, जिसमें विद्यालय की अव्यवस्थाओं से जुड़े कई गंभीर तथ्य कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है।
विशाल समाचार टीम के पास मौके से जुटाए गए ओरिजनल वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। रिपोर्टिंग के दौरान विद्यालय का ताला निर्धारित समय सुबह 7:30 बजे के बजाय करीब 8:30 बजे खुलता पाया गया। बच्चे स्कूल गेट फांदकर अंदर जाते दिखाई दिए, जबकि प्रार्थना सभा भी निर्धारित समय से काफी देर बाद कराई गई।
स्कूल में टीचर रोजाना २ घंटे देरी से आने की वजह से बच्चे परेशान होकर प्रवेश करते दिखाई दे रहे!

बच्चों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में शिक्षकों के आने का कोई निश्चित समय नहीं है। इतना ही नहीं, विद्यालय में बच्चों से सफाई कार्य कराने और एक महिला शिक्षक के कभी विद्यालय न आने के बावजूद उनकी उपस्थिति दर्ज कर वेतन जारी होने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।
बीएसए अधिकारी को किया गया था फोन नहीं हुआ रिसीव फिर खंड शिक्षा अधिकारी को दी गई थी सूचना, फिर भी नहीं पहुंचे मौके पर
विशाल समाचार टीम के रिपोर्टर द्वारा विद्यालय निरीक्षण से पहले संबंधित बीएसए इटावा को फोन पर संपर्क किया गया फोन रिसीव नहीं हुआ.उसके वाद बेसिक शिक्षा अधिकारी को फोन कर जानकारी दी गई थी कि टीम प्राथमिक विद्यालय खदिया का निरीक्षण करने पहुंच रही है। रिपोर्टर ने अधिकारी से मौके पर आने का अनुरोध भी किया था।
लेकिन आरोप है कि अधिकारी ने फोन पर कहा — “आज नहीं आ पाएंगे, फिर कभी आएंगे।” इसके बाद भी शिक्षा विभाग की ओर से कोई तत्काल कार्रवाई नहीं की गई।
अब ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों और सूचना के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचे, तो यह उनकी कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है।
बंद गेट पर स्कूल में प्रवेश करते बच्चे

ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के साथ-साथ मामले को गंभीरता से न लेने वाले संबंधित बीएसए अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका की भी जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अब देखने वाली बात होगी कि जिलाधिकारी इटावा और शिक्षा विभाग इस पूरे मामले में क्या कज्ञदम उठाते हैं।



