
व्यावसायिक जीवन में लिंगभेद-रहित सोच सफलता की कुंजी: लेफ्ट. जनरल (निवृत्त) डॉ. माधुरी कानिटकर
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे में समवेदना संस्था के 23वें वर्धापन दिन पर आयोजित विशेष व्याख्यान में लेफ्टिनेंट जनरल (निवृत्त) माधुरी कानिटकर ने कहा कि व्यावसायिक जीवन में लिंगभेद से परे सोच और कार्यशैली व्यक्ति को अधिक सक्षम बनाती है। उन्होंने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए बताया कि वैद्यकीय शिक्षा, सैन्य सेवा और शिक्षण क्षेत्र में मिले अनुभवों ने उन्हें अनुशासन, जिम्मेदारी और नेतृत्व की मजबूत सीख दी।
कार्यक्रम का आयोजन पुणे के एरंडवणे स्थित आदर्श अभिनव सभागृह में किया गया, जिसमें समवेदना संस्था के 23वें वर्धापन दिवस के अवसर पर विशेष व्याख्यान आयोजित हुआ। इस अवसर पर समवेदना संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की भी सराहना की गई।
डॉ. कानिटकर ने अपने करियर के विभिन्न पड़ावों का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने भारतीय सेना में महिला अधिकारी के रूप में कई चुनौतियों का सामना किया और लिंगभेद रहित कार्य संस्कृति को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति, अनुशासन, टीमवर्क और शारीरिक-मानसिक संतुलन सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारी, शिक्षाविद और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संस्था द्वारा वंचित वर्गों के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी गई और भविष्य में सेवा कार्यों के विस्तार की योजना साझा की गई।

