
पुणे एग्री हैकाथॉन से कृषि तकनीक का केंद्र बन रहा पुणे : उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार
‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ के कार्यक्रमों में महिला किसानों से भागीदारी की अपील
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। राज्य की उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि पुणे एग्री हैकाथॉन के सफल आयोजन के कारण पुणे अब शिक्षा के साथ-साथ कृषि तकनीक के केंद्र के रूप में भी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष आयोजित एग्री हैकाथॉन में चयनित 16 नवाचारों में से 4 उत्पादों को कृषि यंत्रीकरण योजना में शामिल करने की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई है।
कृषि विभाग की ओर से सिंचननगर स्थित कृषि महाविद्यालय में आयोजित दूसरे “पुणे एग्री हैकाथॉन-2026” के उद्घाटन अवसर पर वह बोल रही थीं। इस दौरान महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ राहुरी के कुलगुरु डॉ. विलास खर्चे, वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ के कुलगुरु डॉ. इंद्रमणी, जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी सहित कई अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को “अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष” घोषित किया गया है। इसी पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और महिला किसानों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है और गन्ना, चीनी, सब्जी उत्पादन, फलोत्पादन तथा कृषि निर्यात में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कृषि क्षेत्र के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति घोषित करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने वर्ष 2025 के बजट में एआई नीति के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था और उनके प्रयासों से बारामती में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र स्थापित किया गया।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में पूंजी निवेश बढ़ाने के लिए “कृषि समृद्धि योजना” शुरू की है, जिसके लिए बजट में 2 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही खरीफ सीजन में किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए भी विशेष तैयारी की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा कि बदलते समय में किसानों के सामने अनियमित बारिश, जल संकट, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट, बाजार की अस्थिरता और बढ़ती लागत जैसी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए आधुनिक तकनीक, नवाचार और युवाओं की ऊर्जा का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हैकाथॉन में शामिल युवा, इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, कृषि छात्र और स्टार्टअप उद्यमी कृषि समस्याओं के समाधान के लिए अपनी प्रतिभा का उपयोग करेंगे।
जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और नई तकनीकों को खेत तक पहुंचाने के उद्देश्य से पिछले वर्ष से पुणे एग्री हैकाथॉन का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष प्रतियोगिता के लिए पिछले वर्ष की तुलना में ढाई गुना अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। विशेषज्ञों द्वारा जांच के बाद 150 उत्पादों का चयन किया गया, जिनमें से 123 स्टॉल प्रदर्शित किए गए हैं।
इस वर्ष की प्रतियोगिता में मृदा स्वास्थ्य, स्मार्ट जल प्रबंधन, एआई और रोबोटिक्स आधारित कृषि यंत्रीकरण, कृषि प्रसंस्करण, अक्षय ऊर्जा, जलवायु अनुकूल खेती, फसल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन सहित 9 विषयों को शामिल किया गया है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर नवाचारों और अनुसंधान कार्यों की जानकारी ली तथा प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।



