
इटावा में अंशकालिक अनुदेशकों का सम्मान समारोह सम्पन्न, बढ़ा मानदेय 17 हजार रुपये हुआ लागू
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा, । विकास भवन स्थित प्रेरणा सभागार में माननीय राज्यमंत्री श्री कैलाश सिंह राजपूत की अध्यक्षता में अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अनुदेशक, अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान लोकभवन सभागार से माननीय मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह का लाइव प्रसारण भी देखा एवं सुना गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित करके किया गया। कस्तूरबा गांधी विद्यालय की बालिकाओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा।
अपने संबोधन में माननीय राज्य मंत्री श्री कैलाश सिंह राजपूत ने कहा कि वर्तमान सरकार में भर्ती प्रक्रियाएं पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई 60 हजार पुलिस भर्ती में चयन पूरी तरह योग्यता एवं मेहनत के आधार पर हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और बेहतर वातावरण के कारण निवेश लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वर्ष 2014 में 11वें स्थान पर थी, जो आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। मंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के सामाजिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने जानकारी दी कि अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये कर दिया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है। इसके साथ ही कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी प्रदान की जा रही है, जिससे अनुदेशकों को स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के कारण स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है, जिसे सरकार आगे और कम करने के प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सदर ने कहा कि सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और बढ़ा हुआ मानदेय कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान जनपद के 102 अंशकालिक अनुदेशकों को सम्मानित किया गया तथा 10 चयनित अनुदेशकों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सचिन यादव, हरि नारायण बाजपेई, विनीत पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक अरुण कुमार खरे तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


