
विस्थापितों के जीवन में आया नया सवेरा,136 परिवारों को मिला ‘मालिकाना हक
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊगंज . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश एवं प्रदेश सरकार की संवेदनशील पहल के तहत नवगठित मऊगंज जिले में विस्थापित परिवारों को स्थायी आवासीय अधिकार प्रदान किए गए। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की ‘सबको आवास, सबको सम्मान’ की नीति के तहत नवगठित मऊगंज जिले में यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। जिले के प्रशासनिक बुनियादी ढांचे कलेक्ट्रेट, एसपी कार्यालय और जिला न्यायालय, जिला पंचायत, आवासीय परिसर के निर्माण के लिए विस्थापित हो रहे 136 परिवारों को मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश और जिला प्रशासन के तत्पर सहयोग से स्थायी पट्टों का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारते हुए कलेक्टर संजय कुमार जैन ने यह सुनिश्चित किया कि सरकारी भवनों के निर्माण के कारण विस्थापित होने वाले गरीब परिवारों को दर-दर न भटकना पड़े। लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ 136 परिवारों को भूमि के पट्टे सौंपे गए, जिससे अब वे अपने स्वयं के भूखंड के स्वामी बन गए हैं।
कार्यक्रम में विधायक प्रदीप पटेल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उत्थान है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में इस विस्थापित क्षेत्र को मऊगंज की सबसे आधुनिक और मॉडल कॉलोनी के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, विस्थापित परिवारों को केवल जमीन ही नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सभी सुविधाएं दी जा रही हैं । शेष परिवारों का परीक्षण किया जा रहा है जिसके उपरांत उनको भी प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। नगर परिषद द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से प्रकरण तैयार कर शासन को भेजे जा रहे हैं, जिससे पात्र हितग्राहियों को शीघ्र आवासीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। नगर परिषद द्वारा यहाँ पेयजल पाइपलाइन, चौड़ी सड़कें और जल निकासी की व्यवस्था की जा रही है। सामूहिक आयोजनों के लिए एक समुदायिक भवन और बच्चों के लिए खेल के मैदान का प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया है। पूरी बस्ती को स्ट्रीट लाइटों से रोशन किया जाएगा और सड़कों के किनारे सघन वृक्षारोपण कर इसे ग्रीन जोन बनाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि विस्थापन की इस प्रक्रिया में सामाजिक संतुलन और न्याय का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें अनुसूचित जनजाति के 76, पिछड़ा वर्ग के 34, अनुसूचित जाति के 25 और सामान्य वर्ग के एक परिवार को शामिल कर सर्वांगीण विकास की राह प्रशस्त की गई है। कार्यक्रम के दौरान विधायक मऊगंज प्रदीप पटेल ने कहा कि विस्थापित परिवारों की सुविधाओं के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि श्मशान घाट का निर्माण भी कराया जाएगा ताकि लोगों को आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें। पट्टा वितरण के बाद हितग्राहियों ने शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब स्थायी आवास और बेहतर भविष्य की उम्मीद मिली है। कार्यक्रम को जिले में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। “मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट निर्देश है कि विकास की गति रुकनी नहीं चाहिए, लेकिन इस प्रक्रिया में किसी भी गरीब का अहित नहीं होना चाहिए। आज जिन 136 परिवारों को मिला पट्टा, सरकार के इसी संकल्प का प्रमाण है। इस दौरान अपर कलेक्टर पीके पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष बृजवासी पटेल, राहुल मिश्रा एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

