
महाराष्ट्र केवल भूभाग नहीं, भारतीय स्वाभिमान का प्रतीक : छत्रपति वृशाली राजे भोसले
एनसीईआरटी की पुस्तकों में मराठा साम्राज्य का नक्शा दोबारा शामिल करने की मांग को लेकर पुणे में विशाल मोर्चा
रिपोर्ट:विशाल समाचार
स्थान:पुणे, महाराष्ट्र
“महाराष्ट्र केवल एक भूभाग नहीं, बल्कि Chhatrapati Shivaji Maharaj के पराक्रम, Chhatrapati Sambhaji Maharaj के बलिदान और स्वराज्य की स्थापना में योगदान देने वाले अनेक मावलों के त्याग का प्रतीक है। मराठा साम्राज्य भारत के गौरवशाली इतिहास का प्रेरणादायी अध्याय है। इसलिए मराठा साम्राज्य का नक्शा एनसीईआरटी की पुस्तकों में फिर से शामिल किया जाना चाहिए।” यह मांग सातारा गादी की प्रतिनिधि Chhatrapati Vrushali Raje Bhosale ने की।
एनसीईआरटी द्वारा हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों से मराठा साम्राज्य का नक्शा हटाए जाने के विरोध में पुणे में “महाराष्ट्र धर्म मोर्चा” का आयोजन किया गया। यह मोर्चा Lal Mahal से शुरू होकर जिला कलेक्टर कार्यालय तक निकाला गया।
मोर्चे को संबोधित करते हुए छत्रपति वृशाली राजे भोसले ने कहा कि एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों से मराठा साम्राज्य का नक्शा हटाकर गौरवशाली इतिहास को छिपाने और विद्यार्थियों तक गलत इतिहास पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्रपति घराने सहित पूरा महाराष्ट्र इसका विरोध करता है।
उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से केंद्र सरकार के समक्ष इस मुद्दे को मजबूती से उठाने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक मराठा साम्राज्य का नक्शा दोबारा पाठ्यपुस्तकों में शामिल नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
इस मोर्चे में इतिहास शोधकर्ता, अभ्यासक, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
