अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण का तीव्र विरोध, 30 जून को मुंबई में विधानसभा घेराव की घोषणा
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे। अनुसूचित जाति (एससी) के ‘अ, ब, क, ड’ उपवर्गीकरण के मुद्दे पर राज्य में दलित समाज में तीव्र असंतोष व्याप्त है। इस संबंध में ‘बार्टी’ (डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संशोधन व प्रशिक्षण संस्था) को अब तक लगभग 80 हजार ई-मेल प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 85 प्रतिशत यानी 65 से 70 हजार ई-मेल इस उपवर्गीकरण के विरोध में हैं।
इस पृष्ठभूमि में अनुसूचित जाति उपवर्गीकरण पुनर्विलोकन समिति के राहुल डंबाळे द्वारा इस विषय पर तीव्र आपत्ति दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि अब इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा 30 जून को मुंबई में विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान घेराव आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन की तैयारी के तहत पुनर्विलोकन समिति की ओर से महाराष्ट्रभर में गांव, तालुका और जिला स्तर पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें समाजबांधवों को बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया जा रहा है। इन बैठकों को राज्यभर से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और आंदोलन की व्यापक तैयारी की जा रही है।
समिति द्वारा चलाए गए विशेष अभियान को 70 हजार ई-मेल का समर्थन प्राप्त हुआ है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद राज्य सरकार द्वारा उपवर्गीकरण के अध्ययन हेतु समिति गठित कर जनता से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए गए थे। इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिनमें अधिकांश उपवर्गीकरण के विरोध में हैं।
राहुल डंबाळे ने कहा कि ‘अ, ब, क, ड’ उपवर्गीकरण से अनुसूचित जातियों के भीतर विभाजन और अंतर्कलह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उनका कहना है कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा स्थापित सामाजिक एकता इस प्रकार के वर्गीकरण से प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार द्वारा समाज की व्यापक आपत्तियों को नजरअंदाज कर कोई एकतरफा निर्णय लिया गया, तो 30 जून को मुंबई में विधानसभा का घेराव ऐतिहासिक रूप लेगा।


