मतदाता सूची होगी अधिक पारदर्शी, पुणे में विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, जितेंद्र डुडी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले के करीब 91 लाख 16 हजार 325 मतदाताओं के रिकॉर्ड का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदाताओं के घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और भरे हुए फॉर्म वापस लेंगे। पूर्व मुद्रित फॉर्म के माध्यम से मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। नाम, पता, फोटो या अन्य विवरण में बदलाव होने पर उसे अपडेट किया जा सकेगा। साथ ही अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की प्रविष्टियों की भी जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि यदि वर्ष 2002 से 2004 की पुरानी मतदाता सूचियों से रिकॉर्ड का मिलान उपलब्ध है, तो अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी।
अभियान के कार्यक्रम के अनुसार 20 से 29 जून के बीच गणना प्रपत्रों की छपाई और बीएलओ का प्रशिक्षण किया जाएगा। 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जबकि 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। 3 अक्टूबर तक इनका निस्तारण किया जाएगा तथा 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया में जिले के लगभग 8 हजार 417 बीएलओ और विभिन्न राजनीतिक दलों के 4 हजार 557 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भाग लेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित की जाएगी तथा किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।


