
पोषण योजनाओं में लापरवाही पर डीएम सख्त, लंबित कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा, । जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने लंबित कार्यों पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि पोषण ट्रैकर पर फेस कैप्चर और ई-केवाईसी की प्रगति 96.95 प्रतिशत है, जबकि चकरनगर क्षेत्र में 501 लाभार्थियों का कार्य लंबित है। डीएम ने कहा कि ई-केवाईसी न होने पर लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, आभा आईडी निर्माण, बच्चों की अपार आईडी तथा वीएचएसएनडी सत्रों की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। बढ़पुर और ताखा क्षेत्र में वीएचएसएनडी सत्रों के आयोजन में कमी पर भी नाराजगी व्यक्त की।
कुपोषित बच्चों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अप्रैल माह में चिन्हित 442 सैम बच्चों में से 323 बच्चों को मैम श्रेणी में लाया गया है। डीएम ने इसे सकारात्मक बताते हुए कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा। साथ ही एनआरसी में सैम बच्चों के भर्ती अभियान को तेज करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान कार्ड निर्माण, जन्म प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ग्रीष्मकाल में भी नियमित रूप से जारी रखा जाए, क्योंकि ये अत्यावश्यक सेवाओं की श्रेणी में आते हैं।
बैठक में जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

