
गणेशोत्सव को समाजोपयोगी बनाने की आवश्यकता : मंदार लवाटे
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे। गणेशोत्सव केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की एक महत्वपूर्ण चळवळ (अभियान) है। इतिहासकार, लेखक एवं शोधकर्ता मंदार लवाटे ने कहा कि अनुकरणीय गणेशोत्सव के लिए समाजोपयोगी उपक्रमों को बढ़ावा देना आवश्यक है।
वे ‘अनुकरणीय गणेशोत्सव 2026 – मार्गदर्शन शिबिर’ में बोल रहे थे, जिसका आयोजन रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3131 के पर्यावरण विभाग एवं जय गणेश व्यासपीठ, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने गणेशोत्सव को पर्यावरणपूरक और आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया। संगणक विशेषज्ञ डॉ. दीपक शिकारपुर ने सुझाव दिया कि प्रत्येक गणेश मंडल को अपना AI चैटबॉट विकसित करना चाहिए, जिससे जानकारी, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति में सहायता मिल सके।
डॉ. मिलिंद भोई ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण और लेजर लाइट के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिनसे सावधानी आवश्यक है। वहीं वक्ताओं ने पारंपरिक कला, कम खर्च में सजावट और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील की।
कार्यक्रम में रोटरी सदस्यों सहित 100 से अधिक गणेश मंडलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर प्लाज्मा मुक्त एवं पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव मनाने का संकल्प दोहराया।


