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पंढरपुर से मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुरू की कर्जमाफी योजना, किसानों को बांटे ऋणमुक्ति प्रमाणपत्र

पंढरपुर से मुख्यमंत्री फडणवीस ने शुरू की कर्जमाफी योजना, किसानों को बांटे ऋणमुक्ति प्रमाणपत्र

56 लाख किसानों को मिलेगा लाभ, पहली सूची में 17 लाख किसानों के खातों में 13 हजार करोड़ रुपये 31 जुलाई से पहले जमा होंगे

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान; पुणे महाराष्ट्र 

पंढरपुर, । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को पंढरपुर में आयोजित राज्यस्तरीय कृषि महोत्सव के दौरान ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर कर्जमुक्ती योजना’ की औपचारिक शुरुआत करते हुए किसानों को ऋणमुक्ति प्रमाणपत्र वितरित किए। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक की ओर से नए फसल ऋण के चेक भी किसानों को सौंपे गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने संकटग्रस्त किसानों से किया गया कर्जमाफी का वादा पूरा किया है और यह देश की सबसे बड़ी कृषि ऋणमाफी योजना है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 56 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। पहली सूची में 17 लाख किसानों को शामिल किया गया है और उनके खातों में 13 हजार करोड़ रुपये 31 जुलाई से पहले जमा किए जाएंगे। इसके बाद बैंकों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अन्य पात्र किसानों की सूची जारी की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित नहीं रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों को भी 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही सरकार ने 7.5 हॉर्स पावर तक के कृषि पंपों के लंबित बिजली बिल माफ करने का निर्णय लिया है, जिससे लगभग 50 लाख किसानों को 48 हजार करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है और दिसंबर अथवा मार्च तक सभी किसानों को 12 घंटे दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इसके अलावा सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, उर्वरक तथा अन्य कृषि अनुदानों पर पिछले वर्ष लगभग 95 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए।

मुख्यमंत्री ने आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए विकसित ‘महा विस्तार’ एआई ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से किसान अपनी बोली भाषा में खेती, उर्वरक, कीट नियंत्रण, सिंचाई और नई कृषि तकनीकों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

पंढरपुर कॉरिडोर परियोजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत प्रभावित सभी लोगों का 100 प्रतिशत पुनर्वास किया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वारकरी और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने भीमा नदी पर बैराज निर्माण, चंद्रभागा नदी पर पुल-सह-बैराज, उजनी जलाशय के लिए डायवर्जन कैनाल तथा पंढरपुर से जुड़े रेल संपर्क विस्तार जैसे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में पालकमंत्री जयकुमार गोरे सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान और बड़ी संख्या में वारकरी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पर आधारित पुस्तक ‘इन्फ्रामैन: देवेंद्र फडणवीस – मेकिंग ऑफ महाराष्ट्र’ तथा मूक-बधिर विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा तैयार कैलेंडर का भी विमोचन किया गया।

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