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 वेस्ट टू वेल्थ’ की अनूवेस्टठी पहल : जिलाधिकारी ने प्लास्टिक अपशिष्ट से निर्मित बेंचों के वितरण कार्यक्रम का किया शुभारंभ

वेस्ट टू वेल्थ’ की अनूठी पहल : जिलाधिकारी ने प्लास्टिक अपशिष्ट से निर्मित बेंचों के वितरण कार्यक्रम का किया शुभारंभ

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान:सीतामढ़ी,बिहार

सिंगल यूज प्लास्टिक के पुनर्चक्रण से तैयार 85 बेंच पंचायतों को मिलीं, पर्यावरण संरक्षण के साथ संसाधनों की भी बचत

 

प्लास्टिक कचरे से तैयार हुईं 85 उपयोगी बेंच, सीतामढ़ी ने प्रस्तुत किया अपशिष्ट प्रबंधन का अभिनव मॉडल

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत सीतामढ़ी जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक के निष्पादन एवं पुनर्चक्रण की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल की गई है। अपशिष्ट को संसाधन में बदलने की अवधारणा को साकार करते हुए जिले में एकत्रित प्लास्टिक कचरे से 85 आकर्षक एवं उपयोगी सीटिंग बेंच का निर्माण कराया गया है, जो अब पंचायत स्तर पर आमजन की सुविधा के लिए उपलब्ध होंगी।

इस संबंध में आज बाजपट्टी प्रखंड मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने प्लास्टिक अपशिष्ट से निर्मित बेंचों के वितरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान निर्मित सभी 85 बेंचों का जिले की विभिन्न पंचायतों में समानुपातिक वितरण किया गया। इन बेंचों को पंचायत सरकार भवन, सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य जनोपयोगी परिसरों में स्थापित किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी।

डायरेक्टर एन ई पी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बाजपट्टी स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU) में पूरे जिले से लगभग 11 हजार किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक का संग्रह किया गया। संग्रहित प्लास्टिक में से लगभग 4 हजार किलोग्राम प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर 85 मजबूत एवं उपयोगी बेंच तैयार की गई हैं। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन तथा वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

 

 

 

कार्यक्रम में उपस्थित निदेशक, एनईपी ने बताया कि यह पहल पर्यावरणीय दृष्टि से तो लाभकारी है ही, साथ ही आर्थिक रूप से भी उपयोगी सिद्ध हुई है। पुनर्चक्रण के माध्यम से निर्मित प्रत्येक बेंच पर सरकार को लगभग दो हजार रुपये की बचत हुई है। इस प्रकार यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों के प्रभावी उपयोग का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री रिची पाण्डेय ने कहा कि “सिंगल यूज प्लास्टिक आज पर्यावरण के समक्ष एक गंभीर चुनौती है। ऐसे में प्लास्टिक अपशिष्ट को पुनर्चक्रित कर जनोपयोगी संसाधनों में बदलना सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का सफल प्रयास है।

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