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डॉक्टर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नैतिक एवं जिम्मेदारी के साथ करें उपयोग : डॉ. अदिति कराड

डॉक्टर कृत्रिम बुद्धिमत्ता का नैतिक एवं जिम्मेदारी के साथ करें उपयोग : डॉ. अदिति कराड

 

विश्वराज हॉस्पिटल में राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे पर चिकित्सकों का सम्मान, केक काटकर मनाया गया समारोह

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:पुणे महाराष्ट्र 

पुणे/लोणी काळभोर, 2 जुलाई। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर लोणी काळभोर स्थित विश्वराज हॉस्पिटल में चिकित्सकों के समर्पण, सेवा और मानवता के प्रति उनके अतुलनीय योगदान का सम्मान करते हुए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केक काटकर डॉक्टर्स डे मनाया गया तथा अस्पताल के सभी डॉक्टरों, विभागाध्यक्षों और कर्मचारियों ने समारोह में भाग लिया।

 

कार्यक्रम में विश्वराज हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. अदिति राहुल कराड ने कहा कि वर्तमान अत्याधुनिक युग में डॉक्टरों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) का नैतिक एवं जिम्मेदारी के साथ उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई डॉक्टरों का विकल्प नहीं है, बल्कि एक सक्षम सहयोगी है। इसके माध्यम से रोगों के निदान की सटीकता बढ़ती है, समय की बचत होती है तथा प्रशासनिक कार्यों का बोझ कम होता है। इससे डॉक्टरों को मरीजों की बेहतर देखभाल और उपचार पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलता है।

 

डॉ. अदिति कराड ने कहा कि सेवाभाव ही चिकित्सक की सबसे बड़ी पहचान है और इसी के माध्यम से समाज में विश्वास एवं सम्मान प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि “रोगी सेवा ही ईश्वर सेवा” के सिद्धांत को अपनाते हुए प्रत्येक डॉक्टर को पूरी संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ मरीजों की सेवा करनी चाहिए। डॉक्टरों की करुणा, समर्पण और अथक परिश्रम ही स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव है। कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी डॉक्टरों ने अपने कर्तव्य का उत्कृष्ट निर्वहन कर लाखों लोगों का विश्वास और कृतज्ञता अर्जित की है।

 

उन्होंने चिकित्सकों से आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन चिकित्सा सेवाओं तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता का व्यापक एवं सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि नई तकनीकों को अपनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा मरीज-केंद्रित बनाया जा सकता है।

 

इस अवसर पर डॉक्टर्स डे की थीम “Behind the Mask: Who Heals the Healers” (मुखौटों के पीछे: स्वास्थ्य रक्षकों का उपचार कौन करता है) पर आधारित विशेष फलक का अनावरण डॉ. अदिति कराड के हाथों किया गया। इस थीम के माध्यम से डॉक्टरों के मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया तथा स्वास्थ्य सेवाओं में उनके अमूल्य योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया गया।

 

कार्यक्रम में विश्वराज हॉस्पिटल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुजीथ कुमार, डॉ. विजय खंडाळे, डॉ. सुषमा तथा सहायक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन कातकाडे सहित अस्पताल के सभी वरिष्ठ सलाहकार चिकित्सक, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

अपने संबोधन में डॉ. सुजीथ कुमार, डॉ. सुषमा और डॉ. सचिन कातकाडे ने कहा कि डॉक्टर होना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का संकल्प है। चिकित्सक प्रतिदिन मरीजों और उनके परिजनों के जीवन से जुड़े अत्यंत संवेदनशील एवं भावनात्मक क्षणों का सामना करते हैं। ऐसी परिस्थितियों में टीमवर्क, आपसी सहयोग और समर्पण की भावना अत्यंत आवश्यक होती है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक चिकित्सक चिकित्सा सेवा को अपना व्रत मानकर कार्य करे, तो समाज को स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

 

कार्यक्रम का संचालन डॉ. हीना पठाण एवं डॉ. यश वाघमारे ने किया, जबकि अंत में डॉ. शर्वरी उभरे ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

 

राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर आयोजित इस समारोह में डॉक्टरों की निस्वार्थ सेवा, समर्पण, करुणा और मानवता के प्रति उनके योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें भविष्य में भी आधुनिक तकनीक और मानवीय मूल्यों के संतुलित समन्वय के साथ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का संदेश दिया गया।

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