
रक्तदान से मानवता की सांस बचाएं : नरेंद्राचार्यजी
समर्थ सद्गुरु काडसिद्धेश्वर महाराज की रजत पुण्यस्मृति वर्ष के अवसर पर ‘ब्लड इन नीड’ सेवा का अखिल भारतीय विस्तार, ‘ऋणानुबंध’ मोबाइल ऐप का लोकार्पण
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान :पुणे महाराष्ट्र
पुणे। रक्तदान से इंसान की सांस और वृक्षसंवर्धन से सृष्टि की सांस निरंतर बनी रहती है। सेवा ही भारतीय संस्कृति की असली पहचान है। हमें प्राप्त ज्ञान, सामर्थ्य, संपत्ति और कर्तृत्व का उपयोग समाज कल्याण के लिए होना चाहिए। रक्तदान और वृक्षसंवर्धन दोनों ही मानवता के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण सेवाएं हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस सेवा यज्ञ में सहभागी होना चाहिए, यह आह्वान रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने किया।
समर्थ सद्गुरु काडसिद्धेश्वर महाराज की रजत पुण्यस्मृति वर्ष के अवसर पर पुणे के खराड़ी स्थित महालक्ष्मी लॉन्स में मानवतावादी रक्तसेवा ‘ब्लड इन नीड’ के देशव्यापी विस्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी अवसर पर ‘ऋणानुबंध’ मोबाइल एप्लिकेशन का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम में नरेंद्राचार्यजी ने रक्तदान और समाजसेवा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर वरिष्ठ अभिनेता सयाजी शिंदे, महाराष्ट्र राज्य रक्त संक्रमण परिषद के अध्यक्ष डॉ. सुहास मोहनळकर, वरिष्ठ पत्रकार अंकित काणे, डॉ. रचना पवार सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
‘जीवन की वास्तविक समृद्धि दूसरों को मिले सहारे से’

नरेंद्राचार्यजी ने कहा कि जीवन की वास्तविक समृद्धि इस बात से तय नहीं होती कि हमने कितना हासिल किया, बल्कि इस बात से होती है कि हमारे अस्तित्व से कितने लोगों और जीवों को सहारा मिला। जिसके पास ज्ञान है, उसे ज्ञान यज्ञ करना चाहिए। जिसके पास श्रम शक्ति है, उसे श्रम यज्ञ करना चाहिए और जिसके पास संपत्ति है, उसे दान यज्ञ करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान का यज्ञ करना चाहिए और संवेदनशील मन रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति को ‘रक्तमित्र’ बनकर इस करुणामय सेवा में सहभागी होना चाहिए। किसी व्यक्ति को जीवनदान मिलना इससे बड़ा कोई यज्ञ नहीं हो सकता।
‘मेरे लिए पेड़ ही सेलिब्रिटी है’ : सयाजी शिंदे
वरिष्ठ अभिनेता सयाजी शिंदे ने वृक्षसंवर्धन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पेड़ पहले आया और उसके बाद इंसान आया। इंसान कितना भी बड़ा या सेलिब्रिटी क्यों न बन जाए, वह ऑक्सीजन तैयार नहीं कर सकता। ऑक्सीजन उसे पेड़ों से ही मिलती है।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए पेड़ ही सेलिब्रिटी है। सुबह उठकर भरपूर सांस लेकर ऑक्सीजन ले पाना ही असली दौलत है। इस दौलत को बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए।”
सयाजी शिंदे ने नरेंद्राचार्यजी के विभिन्न सामाजिक कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मरीजों की सेवा से लेकर किसानों की सेवा, मुफ्त शिक्षा से लेकर वृक्षसंवर्धन तक विभिन्न क्षेत्रों में नरेंद्राचार्य महाराज का कार्य देखकर वह प्रभावित हुए हैं। उनका कार्य किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को ऐसे कार्यों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि जिस समय मानवता धीरे-धीरे कम होती दिखाई दे रही है, उस समय नरेंद्राचार्य महाराज जैसे लोगों के मानवतावादी कार्यों की समाज को बेहद जरूरत है।
‘सेवा भाव ही धर्म की वास्तविक पहचान’
वरिष्ठ पत्रकार अंकित काणे ने कहा कि हिंदू धर्म सहिष्णुता का संदेश देता है। जरूरतमंद व्यक्ति की आवश्यकता पूरी करना और उसके साथ खड़ा होना सेवा भाव है, जिसकी सीख हमारा धर्म देता है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्राचार्यजी इस सेवा धर्म की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। धर्म के दर्शन को अपने कार्यों के माध्यम से समाज के सामने रखने वाले ऐसे लोगों के साथ समाज को खड़ा होना चाहिए।
रक्तदाता और जरूरतमंद के बीच सेतु बनेगा ऐप

महाराष्ट्र राज्य रक्त संक्रमण परिषद के अध्यक्ष डॉ. सुहास मोहनळकर ने कहा कि रक्त की जरूरत वाले व्यक्ति को रक्तदाता तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करने वाला यह एक प्रभावी ऐप साबित हो सकता है। इस अवधारणा को सरकारी स्तर पर और व्यापक कैसे बनाया जा सकता है, इस दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
डॉ. रचना पवार ने कहा कि स्वस्थ रहना ही वास्तविक संपत्ति है। स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने का माध्यम बन सकता है। इसलिए अधिक से अधिक स्वस्थ लोगों को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।
पांच लाख से अधिक रक्तदाताओं और रक्तमित्रों का पंजीकरण
कार्यक्रम के दौरान रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने ‘ऋणानुबंध’ मोबाइल ऐप की कार्यप्रणाली का डेमो के माध्यम से उपस्थित लोगों को जानकारी दी। इस ऐप के निर्माण और सेवा कार्य में योगदान देने वाले युवा एवं उच्च शिक्षित सेवक-सेविकाओं का गणमान्य अतिथियों के हाथों सम्मान किया गया।
आयोजकों के अनुसार ‘ब्लड इन नीड’ ऐप पर अब तक पांच लाख से अधिक रक्तदाताओं और रक्तमित्रों का पंजीकरण हो चुका है। ऐप के माध्यम से रक्त की आवश्यकता वाले मरीजों को रक्तदाताओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में नागरिकों से ‘ब्लड इन नीड’ ऐप डाउनलोड करने और रक्तदान की इस मानवतावादी मुहिम में सहभागी बनने की अपील की गई।
कार्यक्रम का संचालन श्रद्धा बोडेकर ने किया।



