
लोकनेता दयाराम राजगुरु की 81वीं जयंती पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, समाजसेवियों का सम्मान
लोकनेता दयाराम राजगुरु जयंती पर स्वास्थ्य, सम्मान और समाजसेवा का संगम
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे। पुणे शहर जिला कांग्रेस कमेटी एवं लोकनेता दयाराम राजगुरु चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में लोकनेता दयाराम राजगुरु की 81वीं जयंती के अवसर पर जीवनशैली आधारित स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नियमित व्यायाम करने वाले नागरिकों के साथ-साथ अन्य लोगों ने भी विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया।
इस अवसर पर ‘लोकनेता दयाराम राजगुरु जीवन गौरव पुरस्कार-2026’ पुणे शहर कांग्रेस के पूर्व पूर्वी विभागाध्यक्ष प्रशांतदादा जगताप तथा पुणे शहर कांग्रेस के पश्चिम विभागाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक दीप्तीताई चौधरी को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं वरिष्ठ विचारक उल्हासदादा पवार के हाथों प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पुणे के उपमहापौर परशुराम वाडेकर, कार्यक्रम अध्यक्ष वसंत प्रभाकर रोहम, पूर्व पार्षद सुजाता शेट्टी, पूर्व पार्षद सदानंद शेट्टी, पूर्व पार्षद लक्ष्मीताई बालासाहेब घोडके, पार्षद निलेश आल्हाट, पूर्व पार्षद जयप्रकाश पुरोहित, येरवडा कारागार के पूर्व महानिरीक्षक धनाजीराव चौधरी, डॉ. यशवंत रणशेवरे, उद्योगपति अमोल दयाराम राजगुरु, शैलेंद्र मोरे, पप्पू भोर, जम्सू शेख, आनंद सवाने, शाम गायकवाड़, संतोष सोनावणे, शैलेश चव्हाण, धनंजय कांबळे, प्रताप शिर्के, गणेश कांबळे, सोनू काळे, भीमराव सावंत, कैलाश झेंडे, सुनील भुईटे, रंगप्पा नाईक, प्रकाश साळवे, सन्नी थोपटे, देवाप्पा सोनार, अशोक गायकवाड़, उज्ज्वला थोपटे, भारतबाई सुरवसे, सुगंधा अंघोलकर, विमल वाघमारे, मीरा अडसूळ, पुष्पाताई सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की प्रस्तावना संग्राम रोहम ने प्रस्तुत की। इस अवसर पर युवा नेता कुणाल दयाराम राजगुरु ने कहा कि नियमित व्यायाम से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ही व्यक्ति अपने सर्वांगीण विकास के साथ सुखी एवं आनंदमय जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
लोकनेता दयाराम राजगुरु चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद लता दयाराम राजगुरु ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को आज भी दयाराम राजगुरु जैसे ईमानदार, निष्ठावान और निस्वार्थ जनसेवकों की आवश्यकता है। उनके आदर्शों पर चलकर ही समाज और राष्ट्र की बेहतर सेवा की जा सकती है।

कार्यक्रम का संचालन शीघ्रकवि विठ्ठलदादा गायकवाड़ ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन लता दयाराम राजगुरु ने व्यक्त किया।



