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पालखी सोहले के लिए सासवड नगर परिषद पूरी तरह तैयार  सज्ज : मुख्याधिकारी कैलास चव्हाण

पालखी सोहले के लिए सासवड नगर परिषद पूरी तरह तैयार  सज्ज : मुख्याधिकारी कैलास चव्हाण

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: पुणे, महाराष्ट्र 

सासवड,। पुरंदर तहसील के सासवड शहर में संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी 11 जुलाई को पहुंचेगी, 12 जुलाई को यहां रात्रि विश्राम करेगी तथा 13 जुलाई को पंढरपुर के लिए प्रस्थान करेगी। वहीं, संत सोपानकाका महाराज एवं संत चांगावटेश्वर महाराज की पालखियां भी 12 जुलाई को सासवड से पंढरपुर के लिए रवाना होंगी। नगराध्यक्ष आनंदीकाकी जगताप के मार्गदर्शन एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से पालखी सोहले के स्वागत तथा वारकरियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर परिषद ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह जानकारी मुख्याधिकारी कैलास चव्हाण ने दी।

 

स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवस्था

 

निर्मल वारी अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर लगभग 1,800 सीट क्षमता वाले फाइबर शौचालय स्थापित किए गए हैं। पालखी स्थल की संपूर्ण सफाई, शौचालयों की मरम्मत, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। शहर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है तथा फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव भी किया जा रहा है। अस्थायी स्नानगृह बनाए जा रहे हैं और दो स्थानों पर जर्मन हैंगर की व्यवस्था की गई है।

 

प्लास्टिक प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। स्टॉल संचालकों को कचरा संग्रहण हेतु थैले एवं डस्टबिन उपलब्ध कराए जाएंगे। पालखी प्रस्थान के बाद पूरे शहर में दोबारा कीटनाशक छिड़काव किया जाएगा। स्कूलों, होटल एवं ढाबों की स्वच्छता जांच की गई है तथा मछली और मांस विक्रेताओं को अस्थायी रूप से दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

पेयजल एवं अग्निशमन व्यवस्था

 

पेयजल आपूर्ति के लिए 12 कुओं पर टैंकर भरने की व्यवस्था की गई है तथा पानी के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। ब्लिचिंग पाउडर का उपयोग और पंपिंग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए महावितरण से समन्वय किया गया है। अग्निशमन वाहन, पानी के टैंकर तथा त्वरित प्रतिक्रिया दल को भी तैयार रखा गया है।

 

विद्युत एवं आधारभूत सुविधाएं

 

शहर की सभी स्ट्रीट लाइटें चालू रखने की व्यवस्था की गई है। पालखी मार्ग, पालखी स्थल एवं सोपानदेव मंदिर परिसर में हाईमास्ट लाइटें और अतिरिक्त विद्युत व्यवस्था की गई है। जनरेटर की व्यवस्था के साथ विद्युत तारों एवं पेड़ों की शाखाओं की छंटाई कर सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

 

निर्माण एवं यातायात व्यवस्था

 

पालखी स्थल का समतलीकरण, जलभराव रोकने के उपाय, सड़क मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा अतिक्रमण हटाने का कार्य पूरा किया गया है। अवैध होर्डिंग हटाने की कार्रवाई भी जारी है।

 

सीसीटीवी एवं एलईडी स्क्रीन

 

सुरक्षा व्यवस्था के लिए पालखी स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एलईडी स्क्रीन स्थापित की जाएंगी। नियंत्रण कक्ष में दूरभाष सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

 

स्वागत, पूजा एवं अन्य व्यवस्थाएं

 

संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी के स्वागत तथा संत सोपानदेव एवं संत चांगावटेश्वर महाराज की पालखियों के विदाई समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नगर परिषद की ओर से पालखी में विराजमान पादुकाओं की महापूजा भी की जाएगी।

 

दिंडी प्रमुखों की मांग के अनुसार विद्यालयों में ठहरने की व्यवस्था की गई है। आचार्य अत्रे सांस्कृतिक भवन में महिलाओं के लिए ‘हिरकणी कक्ष’ स्थापित किया गया है, जहां महिला कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।

 

पालखी स्थल और नगर परिषद कार्यालय के सामने दो नियंत्रण कक्ष 24 घंटे संचालित रहेंगे। प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी तथा पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।

 

मुख्याधिकारी कैलास चव्हाण ने बताया कि पालखी सोहले के सफल आयोजन के लिए नगर परिषद ने 185 कर्मचारियों की नियुक्ति की है। दिवे नाका पर पालखी का स्वागत तथा जेजुरी नाका पर विदाई की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए पूरे शहर में दिशासूचक संकेतक भी लगाए जा रहे हैं।

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