
‘पंढरी की वारी’ डॉक्यूमेंट्री के जरिए महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को मिली वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में हुआ विशेष प्रीमियर शो
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:मुंबई,महाराष्ट्र
मुंबई,। महाराष्ट्र की सदियों पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा ‘पंढरपुर वारी’ पर आधारित 22 मिनट की डॉक्यूमेंट्री ‘पंढरपुर वारी और संतों के पदचिह्न’ का विशेष प्रीमियर शो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में मुंबई के आईनॉक्स सिनेमा में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच तक पहुंचाने वाला सराहनीय प्रयास बताया।
इस डॉक्यूमेंट्री का निर्माण महाराष्ट्र शासन के सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय तथा वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के संयुक्त सहयोग से किया गया है। इसका प्रसारण डिस्कवरी नेटवर्क की नौ प्रमुख चैनलों—डिस्कवरी, डिस्कवरी एचडी, टीएलसी, टीएलसी एचडी, एनिमल प्लैनेट, एनिमल प्लैनेट एचडी, इन्वेस्टिगेशन डिस्कवरी (आईडी), डिस्कवरी साइंस और डिस्कवरी टर्बो—पर किया जाएगा। इसे मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, कन्नड़ और मलयालम सहित आठ भाषाओं में डब किया गया है।
प्रीमियर शो में विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे, कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, विधायक प्रवीण दरेकर, विधायक निरंजन डावखरे, सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय के प्रधान सचिव एवं महानिदेशक ब्रिजेश सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
डॉक्यूमेंट्री में पंढरपुर वारी की आध्यात्मिक यात्रा, संत परंपरा, समता, श्रद्धा और मानवता का भाव आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इसमें वारकरियों की आस्था, टाल-मृदंग की गूंज, रिंगण सोहला, चंद्रभागा तट का विशाल भक्तिसागर और ‘ज्ञानोबा-तुकाराम’ के जयघोष को जीवंत रूप में दर्शाया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि “वारी देश की सबसे प्राचीन भक्ति परंपराओं में से एक है। यह जाति, धर्म, भाषा, अमीरी-गरीबी जैसे सभी भेद मिटाकर लोगों को एक सूत्र में बांधती है। महाराष्ट्र की इस सांस्कृतिक धरोहर को विश्व के सामने लाने के उद्देश्य से यह उत्कृष्ट डॉक्यूमेंट्री तैयार की गई है। इसके माध्यम से वारी की परंपरा, उद्देश्य, प्रेरणा और उसमें शामिल श्रद्धालुओं की भावना को प्रभावी ढंग से समझा जा सकता है।”
मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय तथा वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी की सराहना करते हुए कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।



