
‘इठा’ फिल्म पर इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप, विठाबाई नारायणगांवकर के परिजनों ने जताई आपत्ति
बदलाव नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई और मानहानि का दावा करने की चेतावनी
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, प्रतिनिधि। तमाशा सम्राज्ञी विठाबाई नारायणगांवकर के जीवन पर आधारित आगामी मराठी फिल्म ‘इठा’ के टीजर को लेकर उनके परिजनों ने गंभीर आपत्ति जताई है। विठाबाई के नाती एवं राज्य शासन की वरिष्ठ कलाकार अनुदान समिति के सदस्य धनंजय खुडे ने पत्रकार परिषद में आरोप लगाया कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिससे उनकी विरासत और परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
धनंजय खुडे ने कहा कि किसी भी ऐतिहासिक व्यक्तित्व पर फिल्म बनाते समय तथ्यों की सत्यता और परिवार की सहमति का ध्यान रखना निर्माताओं की नैतिक जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि फिल्म के निर्माण से पहले परिवार से कोई अनुमति या चर्चा नहीं की गई।
उन्होंने दावा किया कि फिल्म के टीजर में प्रसिद्ध “भाऊ बापू (मांग) नारायणगांवकर तमाशा मंडल” का नाम गलत तरीके से “भाऊ गावकर तमाशा मंडल” दिखाया गया है। साथ ही राष्ट्रपति सम्मान से जुड़ा एक दृश्य भी वास्तविक इतिहास से मेल नहीं खाता। उनके अनुसार, वर्ष 1961 में बापूसाहेब खुडे नारायणगांवकर को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के हाथों राष्ट्रपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था।
परिजनों ने मांग की है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों के अनुरूप आवश्यक संशोधन किए जाएं तथा फिल्म के शीर्षक पर भी पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आपत्तिजनक तथ्यों में सुधार नहीं किया गया तो फिल्म निर्माताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, मानहानि का मुकदमा और राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में विठाबाई नारायणगांवकर के परिजन, तमाशा कला से जुड़े कलाकार तथा विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।


