
कौशल प्रशिक्षण से युवा बनेंगे आत्मनिर्भर : डॉ. बबन जोगदंड
बार्टी और साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 180 युवाओं को प्रमाणपत्र वितरित
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। रोजगार के अवसर लगातार चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। ऐसे में युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनना चाहिए। कौशल विकास ही रोजगार और आर्थिक स्वावलंबन का सबसे प्रभावी माध्यम है। यह बात डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (बार्टी) के कौशल विकास विभाग के प्रमुख डॉ. बबन जोगदंड ने कही।
विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर बार्टी और साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क के संयुक्त तत्वावधान में हडपसर स्थित साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में पुणे शहर के 180 अनुसूचित जाति के युवक-युवतियों को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, प्रशिक्षणार्थियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का आयोजन बार्टी की महानिदेशक दीपा मुधोल-मुंडे (आईएएस) तथा साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राजेंद्र पी. जगदाले के मार्गदर्शन में किया गया। अध्यक्षता एस.एम. जोशी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एकनाथ एस. मुंढे ने की। इस अवसर पर डॉ. संजय अहिवले, महेश गवई तथा श्रीकांत कुंदन सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
डॉ. जोगदंड ने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में युवाओं के लिए नई तकनीकों का ज्ञान और कौशल अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अनुसूचित जाति के 180 पात्र युवक-युवतियों को ग्राफिक डिजाइनिंग, सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव, आईटी हेल्प डेस्क असिस्टेंट, डीटीपी, ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन तथा ईवी मेंटेनेंस टेक्नीशियन जैसे रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने कहा कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी, ड्रोन तकनीक और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
कार्यक्रम में प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। साथ ही प्रशिक्षण के बाद रोजगार एवं स्वरोजगार में सफलता प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिली।
बार्टी के इस कौशल विकास कार्यक्रम को अनुसूचित जाति के युवाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आधुनिक एवं उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ स्टार्टअप और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।


