
जनकल्याणकारी योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, जीरो पॉवर्टी अभियान पर विशेष जोर
डीएम ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश, एफएमडी टीकाकरण व प्राकृतिक खेती पर भी फोकस
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:इटावा,उत्तर प्रदेश
इटावा, । जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जीरो पॉवर्टी अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम सूर्य घर योजना, आईजीआरएस, एक जनपद-एक नदी, गौशाला, प्राकृतिक खेती तथा खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग नियंत्रण सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा करते हुए डीएम ने लंबित राशन कार्ड एवं जन आरोग्य योजना के सत्यापन कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हित निर्धन परिवारों के युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाए, जिसमें सेवायोजन विभाग सक्रिय भूमिका निभाए।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत विद्यालयों व सार्वजनिक स्थानों की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने, तहसील दिवस में प्राप्त स्वच्छता संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने तथा बल्क वेस्ट जनरेटर संस्थानों द्वारा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत जुलाई 2026 तक निर्धारित 6,399 के लक्ष्य को समयबद्ध पूरा करने के लिए बैंक अधिकारियों से समन्वय बढ़ाने को कहा गया। वहीं बीबीजी रामजी योजना के तहत जल संरक्षण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित कर शीघ्र कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा में डीएम ने 22 जुलाई से 8 सितंबर तक चलने वाले टीकाकरण अभियान की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गठित 25 टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाएं तथा निराश्रित पशुओं का भी निःशुल्क टीकाकरण सुनिश्चित करें।
आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि तहसील दिवस एवं जनता दर्शन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से समाधान किया जाए।
एक जनपद-एक नदी अभियान के तहत सिरसा नदी के पुनर्जीवन कार्यों में तेजी लाने तथा नदी किनारे व्यापक वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए गए। गौशालाओं की समीक्षा में हरे चारे का उत्पादन बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों को सुचारु रखने तथा गोवंश के लिए पर्याप्त पौष्टिक चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि, पशुपालन एवं पंचायत विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश देते हुए डीएम ने गौशालाओं को प्राकृतिक खेती से जोड़ने तथा किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत सहित प्राकृतिक कृषि उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण देने पर बल दिया।
बैठक में जिला विकास अधिकारी राकेश प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, परियोजना अधिकारी यूपीनेडा प्रिया शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

