
मुख्य सचिव ने भू-अर्जन के संबंध में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से दिए निर्देश
कलेक्टर भू-अर्जन प्रकरणों के निराकरण की हर सप्ताह समीक्षा करें – मुख्य सचिव
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा. प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से संबंधित भू-अर्जन प्रकरणों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी कलेक्टर भू-अर्जन प्रकरणों की हर सप्ताह समीक्षा करें। विभाग के लिए अधिग्रहीत जमीन के खसरे में तत्काल विभाग का नाम दर्ज कराएं। भू-अर्जन की कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए तय समय सीमा में पूरी करें। भू-अर्जन में देरी होने से सड़कों के निर्माण में देरी होती है। इससे भू-अर्जन की राशि बढ़ाने तथा सड़क निर्माण की लागत बढ़ने जैसी समस्याएं भी होती हैं। सड़कें विकास की वाहक हैं। सड़कों और बाईपास का निर्माण आर्थिक विकास को गति देता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी अधिग्रहीत जमीन में तत्काल आधिपत्य प्राप्त करे। एनएचआई के अधिकारी भू-अर्जन की राशि के भुगतान में बाधा न डालें। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने रीवा-सीधी फोरलेन निर्माण के संबंध में किए जा रहे भू-अर्जन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल तथा मई माह में भू-अर्जन के सभी प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। कुल 118 करोड़ 52 लाख रुपए की राशि का भुगतान किसानों को किया जाना है। इसका लगातार भुगतान किया जा रहा है। फोरलेन निर्माण के लिए आवश्यक जमीन में से 38 हेक्टेयर शासकीय जमीन है। चार हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। प्रशासन एनएचआई को आवश्यक 82 हेक्टेयर में से 70 हेक्टेयर में आधिपत्य देने के लिए तैयार है। मुआवजा वितरण का कार्य दस दिवस में पूरा कर लिया जाएगा। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में नागपुर-बड़ौदा कॉरिडोर, सीधी-सिंगरौली फोरलेन निर्माण, सागर बाईपास निर्माण सहित विभिन्न सड़कों के भू-अर्जन की समीक्षा की गई। कमिश्नर कार्यालय से कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह, उपायुक्त राजस्व एलएल अहिरवार तथा कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी केन्द्र से अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, एसडीएम हुजूर अनुराग तिवारी, एसडीएम गुढ़ सुधाकर सिंह बघेल, संयुक्त कलेक्टर सुधीर बेक तथा एनएचआई के अधिकारी उपस्थित रहे।



