
जांच में 25 बच्चों के दिल में मिला छेंद, निःशुल्क होगा इलाज
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के अंतर्गत 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों की हृदय रोग की जांच जिला अस्पताल में आयोजित विशेष शिविर में की गई। बच्चों के हृदय रोग का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण गैलेक्सी हॉस्पिटल जबलपुर के पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अखिलेश दुबे एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। शिविर में 72 बच्चों का पंजीयन किया गया। जिसमें 30 बच्चों का फॉलोअप किया गया। जांच के दौरान 25 बच्चों के दिल में छेंद की पुष्टि हुई जिनका नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। जांच के दौरान 27 बच्चे सामान्य पाए गए और जिन बच्चों के दिल में छेंद की पुष्टि हुई उनमें से 5 बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया और 20 बच्चों के उपचार के लिए किया गया। इनकी निःशुल्क सर्जरी कराई जाएगी। सीने में दर्द और दिल की समस्या से पीड़ित बच्चों का निःशुल्क इलाज गैलेक्सी हॉस्पिटल जबलपुर में कराया जाएगा। डॉ. जितेंद्र कुमार तिवारी नोडल अधिकारी एवं शिशु रोग विशेषज्ञ रीवा ने बताया कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित हितग्राहियों का आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत निःशुल्क सर्जरी कराया जाएगी। विष्णु प्रताप सिंह जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबन्धक आरबीएसके रीवा ने बताया कि शिविर के दौरान आरबीएसके टीम में पदस्थ एएमओ द्वारा आंगनवाड़ी व स्कूल स्तर पर हृदय रोग के केस चिन्हित किए गए थे जिनकी जांच शिविर में कराई गई। डॉ. केके तिवारी शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों की हृदय सहित समस्त प्रकार की जन्मजात विकृति की निःशुल्क सर्जिकल सुविधा उपलब्ध है।
शिविर डॉ. केबी गौतम, डॉ. विकास सिंह डेंटल सर्जन, डॉ. रविन्द्र मिश्रा प्रबन्धक, डॉ. महिमा तिवारी डेंटल सर्जन, डॉ. सुनील अवस्थी, डॉ. नीलम शर्मा, डॉ. वंदना मिश्रा, डॉ. दिनेश शुक्ला, डॉ. दिनेश त्रिपाठी, डॉ. मेधा अग्निहोत्री, डॉ. तारिक अंसारी, डॉ. समरीन अली, डॉ. शीला पांडेय, डॉ. प्रदीप पटेल, डॉ. सुशील कोल, डॉ. अरविंद गौतम, डॉ. शिव कुमार पटेल, डॉ. विवेक त्रिपाठी, रमेश गुप्ता, पंकज मिश्रा, डॉ. अनु मिश्रा साइकोलॉजिस्ट, मीना पांडेय, अरुणेंद्र कुशवाहा, उपेंद्र शुक्ला, सौरव पांडेय आयुष्मान जिला समन्वयक, सुशील पटेल आरआई डेटा मैनेजर आदि उपस्थित रहे। शिविर के दौरान पंजीयन एवं काउंसलिंग में विशेष योगदान जयश्री द्विवेदी नर्सिंग आफीसर, एएनएम प्रतिमा शुक्ला, अल्का तिवारी, अनिता तिवारी, अर्चना साकेत, उमंग काउंसलर आरती पांडेय, अल्का सिंह तथा आकांक्षा सिंह का योगदान सराहनीय रहा। शिविर में इस्माइल खान गार्ड एवं सरोज साकेत स्वीपर का भी योगदान रहा।


