
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में आयोजित की गई।
इटावा जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में आयोजित की गई।
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:इटावा,उत्तर प्रदेश
बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने एक्सप्रेसवे पर चिन्हित ब्लैक स्पॉटों के संबंध में अपेक्षित सुधारात्मक कार्य समयबद्ध रूप से न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि ब्लैक स्पॉट संख्या-129 सहित सभी दुर्घटना संभावित स्थलों पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं तथा साइन बोर्ड अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि एक्सप्रेसवे पर किसी भी प्रकार की अवैध पार्किंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा दुर्घटना संभावित स्थलों पर “कृपया धीमे चलें, आगे खतरा है” जैसे चेतावनी संदेशयुक्त साइन बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए, जिससे वाहन चालकों को पूर्व सूचना प्राप्त हो सके एवं सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रत्येक सड़क दुर्घटना की सूचना पर एनएचएआई के अधिकारी तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों का परीक्षण करें तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी एक ही स्थान पर बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं, तो इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी समाधान किया जाए। इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एनएचएआई एवं पुलिस विभाग के मध्य बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटना की सूचना तत्काल साझा कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन स्थानों पर दुर्घटनाएं अधिक होती हैं, वहां वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए आवश्यक चेतावनी एवं दिशा-सूचक साइन बोर्ड अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के संबंध में मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है। अतः सभी संबंधित विभाग निर्धारित समयसीमा में आवश्यक कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटना की संभावना वाले स्थलों पर स्ट्रीट लाइटें शत-प्रतिशत क्रियाशील रखी जाएं, आवश्यकतानुसार क्रैश/सेफ्टी बैरियर लगाए जाएं तथा “कृपया धीरे चलें, दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र” अंकित चेतावनी संकेतक बोर्ड स्थापित किए जाएं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी स्कूली वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र एवं अन्य आवश्यक मानकों का परीक्षण सुनिश्चित करने के उपरांत ही उनका संचालन कराया जाए। उन्होंने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) को निर्देश दिए कि रोडवेज बसों में यात्रियों के मध्य ‘जहरखुरानी से सावधान रहें’ संबंधी जनजागरूकता पंपलेट वितरित कराए जाएं, जिससे यात्रियों को जागरूक किया जा सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर बनाए गए सभी अवैध कट तत्काल समाप्त किए जाएं तथा सर्विस रोड के किनारे रखे गए सामान को हटाकर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। साथ ही अंडरपासों की नियमित सफाई एवं सौंदर्यीकरण कर उन्हें सुरक्षित एवं उपयोगी बनाए रखने पर बल दिया जाए। उन्होंने सड़कों एवं चौराहों पर अतिक्रमण की प्रवृत्ति को गंभीर समस्या बताते हुए निर्देश दिए कि तिराहों एवं चौराहों पर रोडवेज बसों का अनावश्यक ठहराव न किया जाए। बसों के निर्धारित स्टॉपेज एवं पिकअप प्वाइंट तय किए जाएं तथा सवारियां केवल बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन से ही बैठाई जाएं, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। अन्य डिपो की बसों के अनियंत्रित रूप से शहर में प्रवेश पर भी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए।
उक्त बैठक के दौरान एस0पी0 सिटी अभयनाथ त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, सी0ओ0 ट्रैफिक, ए0आर0टी0ओ0 प्रशासन प्रवर्तन हुमा परवीन, ए0आर0टी0ओ0 प्रदीप देशमणि, , जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल कुमार सिंह, ए0सी0एम0ओ0, ए0आर0एम0 अमित सिंह, पी0डब्लू0डी0 विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

