उत्तर प्रदेशऔरैयाप्रशासन

जनहित के कार्यों में शिथिलता पर जिलाधिकारी सख़्त, चकबंदी लेखपाल दोवामाफी हुए निलंबित।

जनहित के कार्यों में शिथिलता पर जिलाधिकारी सख़्त, चकबंदी लेखपाल दोवामाफी हुए निलंबित।

रिपोर्ट ;विशाल समाचार 

स्थान:औरैया उत्तर प्रदेश 

औरैया : जिलाधिकारी बृजेश कुमार द्वारा विगत तहसील दिवस में चकबंदी लेखपाल दोवामाफी, पवन यादव के विरुद्ध जनहित के कार्यों में शिथिलता बरतने की शिकायत का संज्ञान लेता हुए चकबन्दी लेखपाल के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही के साथ साथ विभागीय जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे।

उक्त के क्रम में बंदोबस्त अधिकारी चकबन्दी कौशलानंद द्वारा सक्षम अधिकारी को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारी द्वारा अपनी जांच आख्या में बताया है कि चकबन्दी लेखपाल पवन यादव अपने कार्य के प्रति गैर जिम्मेदाराना व्यवहार रखते हैं तथा इनके द्वारा अभिलेखों का रख-रखाव भी उचित नहीं है साथ ही कार्य के प्रति अरुचि व उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना का दोषी मानते हुए चकबन्दी लेखपाल के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित (contemplated) करते हुए तत्काल प्रभाव से निलम्बित किए जाने की संस्तुति की है। जिसके क्रम में बंदोबस्त अधिकारी चकबन्दी कौशलानंद द्वारा तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है।

यहाँ यह बताना आवश्यक है कि सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम दोवामाफी निवासी पुष्पा देवी सविता पति अशोक सविता ने आवेदन पत्र प्रस्तुत करते हुए जिलाधिकारी को अवगत कराया कि उनके द्वारा मौजा दोवामाफी में एक आवासीय प्लाट क्रय किया था जिसके दाखिल खरिज कराने हेतु चकबन्दी लेखपाल दोवामाफी पवन यादव द्वारा छः हजार रूपये लेने के बावजूद बैनामा दाखिल खरिज नहीं किया जा रहा है साथ ही झूठे मुकदमे में फसाने की धमकी भी दी जा रही है। उक्त प्रकरण का जिलाधिकारी द्वारा गंभीरता से संज्ञान लेते हुए एसओसी चकबन्दी को निर्देश दिये कि चकबन्दी लेखपाल दोवामाफी पवन यादव के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही करते हुए निलम्बन की कार्यवाही पूर्ण कर सूचित किया जाये साथ ही अन्य लेखपाल के माध्यम से आवेदक का दाखिल खरिज कराना सुनिश्चित करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button