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डुमरा थाना की वाहन जांच और कार्यशैली पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग

डुमरा थाना की वाहन जांच और कार्यशैली पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान :सीतामढ़ी, बिहार 

सीतामढ़ी । पुलिस अधीक्षक सीतामढ़ी के निर्देशानुसार जिले के सभी थाना क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने के लिए सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में डुमरा थाना क्षेत्र में भी वाहन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। हालांकि, इस अभियान की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों एवं सूत्रों के हवाले से कई सवाल सामने आए हैं।

 

सूत्रों के अनुसार, डुमरा थाना क्षेत्र में कई स्थानों पर वाहन जांच के दौरान अभियान अपेक्षित गंभीरता के बजाय औपचारिकता जैसा दिखाई देता है। कुछ लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मी वाहन जांच के दौरान तस्वीरें खिंचवाने में अधिक व्यस्त दिखाई दिए, जिससे लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि कहीं अभियान केवल फोटो सेशन तक सीमित तो नहीं रह गया।

 

सूत्रों का यह भी दावा है कि वाहन जांच के दौरान कई बार वाहन चालकों की पैंट और टी-शर्ट की जेब तक की तलाशी ली जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी जांच के दौरान उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

 

वहीं, सूत्रों के मुताबिक, डुमरा थाना में शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को मोबाइल फोन बाहर या घर पर छोड़कर आने की सलाह दी जाती है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि यदि कोई व्यक्ति थाने में मोबाइल पर बातचीत करता है तो उसे बाहर जाने के लिए कहा जाता है। कुछ शिकायतकर्ताओं का यह भी दावा है कि विरोध करने पर उन्हें सरकारी कार्य में बाधा का मामला दर्ज करने, धक्का देकर बाहर निकालने अथवा अन्य कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है।

 

विशाल समाचार इन सभी आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। समाचार में प्रकाशित जानकारी स्थानीय लोगों एवं सूत्रों से प्राप्त दावों पर आधारित है।

 

विशाल समाचार बिहार के मुख्यमंत्री, जिला पदाधिकारी (डीएम) सीतामढ़ी तथा पुलिस अधीक्षक (एसपी) सीतामढ़ी से अनुरोध करता है कि मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, और यदि आरोप निराधार हों तो वास्तविक स्थिति भी सार्वजनिक की जाए, ताकि जनता का विश्वास पुलिस व्यवस्था पर बना रहे।

 

(नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप स्थानीय लोगों एवं सूत्रों के दावों पर आधारित हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि अथवा पुलिस का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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