ड्रोन कैमरे से शूटिंग पर प्रतिबंध, अनुमति लेना अनिवार्य
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे: पुणे ग्रामीण जिले में निजी व्यक्तियों, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों तथा फोटोग्राफी से जुड़े पेशेवरों द्वारा ड्रोन कैमरे का उपयोग करने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। अपर जिलाधिकारी ज्योति कदम ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि ड्रोन कैमरे का उपयोग करने से पहले संबंधित पुलिस थाने को कम से कम 7 दिन पूर्व सूचना देना तथा प्रभारी पुलिस अधिकारी से विधिवत अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
आदेश में कहा गया है कि जिले में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल, बांध तथा केंद्रीय संस्थान स्थित हैं। ऐसे में ड्रोन के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर आतंकवादी या अन्य असामाजिक गतिविधियों में इसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा दौंड, बारामती और शिरूर तहसील क्षेत्रों में रात के समय ड्रोन उड़ने की कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना है।
प्रशासन ने यह भी आशंका जताई है कि अवैध रेत खनन करने वाले गिरोह निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर सकते हैं तथा ड्रोन के जरिए चोरी जैसी आपराधिक घटनाओं की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इन्हीं कारणों से यह प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया गया है।
आदेश के अनुसार जिले में ड्रोन, रिमोट नियंत्रित माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट, पैराग्लाइडर, पैरा मोटर, हैंग ग्लाइडर, हॉट एयर बैलून तथा अन्य सभी प्रकार की उड़ने वाली वस्तुओं के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी को ड्रोन का उपयोग करना हो तो उसे संबंधित पुलिस थाने से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
अपर जिलाधिकारी ज्योति कदम ने चेतावनी दी है कि बिना पुलिस अनुमति के ड्रोन से शूटिंग या संचालन करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 233 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
