
पद्मश्री डॉ. डी. वाय. पाटिल के निधन पर एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी अध्यक्ष राहुल विश्वनाथ कराड ने जताया शोक
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे। एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे के कार्यकारी अध्यक्ष राहुल विश्वनाथ कराड ने पद्मश्री डॉ. डी. वाय. पाटिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. डी. वाय. पाटिल का निधन महाराष्ट्र के शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी दूरदर्शी सोच और नेतृत्व ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा दी तथा लाखों विद्यार्थियों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया।
राहुल कराड ने कहा कि सभी के बीच “दादा” के नाम से लोकप्रिय डॉ. डी. वाय. पाटिल निजी व्यावसायिक शिक्षा के अग्रदूतों में से एक थे। उन्होंने डॉ. विश्वनाथ डी. कराड, स्वर्गीय डॉ. कमलकिशोर कदम, स्वर्गीय डॉ. पतंगराव कदम तथा अन्य दूरदर्शी शिक्षाविदों के साथ मिलकर महाराष्ट्र में अभियांत्रिकी एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रयासों से गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा लाखों विद्यार्थियों तक पहुंच सकी।
उन्होंने कहा कि डॉ. डी. वाय. पाटिल और उनके पिता डॉ. विश्वनाथ डी. कराड के बीच कई दशकों का आत्मीय संबंध था। दोनों का सपना शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना था। अपनी दूरदृष्टि, समर्पण और नेतृत्व से डॉ. पाटिल ने अनेक शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की और लाखों युवाओं को प्रेरित किया।
एमआईटी परिवार की ओर से राहुल कराड ने डॉ. डी. वाय. पाटिल के परिजनों, सहयोगियों, विद्यार्थियों तथा शुभचिंतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका शैक्षणिक योगदान और प्रेरणादायी विरासत सदैव स्मरणीय रहेगी।
ॐ शांति।

