
पद्मश्री डॉ. डी. वाय. पाटिल के निधन पर डॉ. विश्वनाथ डी. कराड ने जताया गहरा शोक
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे। एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (एमआईटी-डब्ल्यूपीयू) के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. विश्वनाथ डी. कराड ने पद्मश्री एवं पूर्व राज्यपाल डॉ. डी. वाय. पाटिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे शिक्षा जगत, समाज और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
डॉ. कराड ने कहा कि डॉ. डी. वाय. पाटिल केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश के शिक्षा, राजनीति, समाजसेवा, स्वास्थ्य और खेल जगत की एक दूरदर्शी, संवेदनशील और प्रेरणादायी हस्ती थे। उनके निधन से एक ऐसे व्यक्तित्व का युग समाप्त हुआ है, जिसने शिक्षा के माध्यम से लाखों युवाओं का भविष्य संवारा।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार दशकों से उनके और डॉ. डी. वाय. पाटिल के बीच अत्यंत आत्मीय और पारिवारिक संबंध रहे। वे उन्हें एक बड़े भाई, मार्गदर्शक और सच्चे मित्र के रूप में देखते थे। एमआईटी संस्थान के विकास में उनका विशेष स्नेह और सहयोग हमेशा मिला। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने संस्था का उत्साहवर्धन किया और हर कदम पर मार्गदर्शन दिया।
डॉ. कराड ने कहा कि डॉ. डी. वाय. पाटिल ने अपनी शैक्षणिक संस्थाओं के माध्यम से समाज के हजारों-लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। यह महाराष्ट्र और देश के शिक्षा क्षेत्र में उनका अमूल्य योगदान है।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके हर जन्मदिन पर डॉ. डी. वाय. पाटिल का शुभकामना संदेश या फोन अवश्य आता था। अब वह स्नेहिल आवाज़ कभी सुनाई नहीं देगी, यह विचार अत्यंत पीड़ादायक है।
अंत में डॉ. विश्वनाथ डी. कराड ने डॉ. डी. वाय. पाटिल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी पुण्यात्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। ॐ शांति।

