
भाऊ बाबू रोकड़े का 50वां स्मृति दिवस मनाया जाएगा
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे। भाऊ बाबू रोकड़े का 50वां स्मृति दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। भाऊ बाबू रोकड़े का जन्म 8 मई 1934 में सर्वे.2 शेलर चाळ, येवडा,पुणे क्षेत्र में हुआ था। बचपन से ही उन्हें गायन का विशेष शौक था। इसी रुचि के चलते वर्ष 1958 से उन्होंने कव्वाली, भीम गीत, भक्ति गीत तथा बुद्ध गीत गाना शुरू किया।
भाऊ बाबू रोकड़े कई वर्षों तक पुणे महानगरपालिका के व्हीकल्स डिपो में फिटर के पद पर कार्यरत रहे। उस समय स्वरगेट डिपो में उनका कार्यक्षेत्र था। वे अपनी गायकी के कारण भी लोगों के बीच लोकप्रिय थे।
कव्वाली गायन के क्षेत्र में प्रसिद्ध कव्वाल किंग अजमेरी के पिता भाऊ रोकड़े के मित्र थे। इसके अलावा आर.पी.आई. के लोकप्रिय लोकनेता राज सालवे उनके वर्ग मित्र रहे। पुणे महानगरपालिका के पूर्व नगरसेवक हाबेंराव मोजे भी उनके वर्ग मित्र रहे हैं।
भाऊ बाबू रोकड़े ने चौथी कक्षा तक की शिक्षा पुरानी कर्नल यंग प्राथमिक शाला में प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यजीवन में पुणे महानगरपालिका के बेलकल डिपो में फिटर के रूप में सेवाएं दीं।
भाऊ बाबू रोकड़े का निधन शनिवार, 9 अक्टूबर 1976 को आंन ड्यूटी में निधन हुआ था। उनके निधन को 9 अक्टूबर 2026 को 50 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इसी अवसर पर उनके परिवार तथा विभिन्न सामाजिक एवं बौद्ध संगठनों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
इस स्मृति दिवस के आयोजन में भारतीय बुद्ध शासन सभा, पुणे सिटी, सम्राट अशोक बुद्ध विहार, येरवडा, आर.पी.आई. (कांबळे) तथा महामाता रमाबाई भीमराव आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक, पुणे-वडिया-कालेज के सामने पुणे में सहित विभिन्न संस्थाओं और कार्यकर्ताओं का सहयोग रहेगा।
मगर इतना समय होकर गया फिर भी उन का परिवार उसी जगह पर आज भी रहता है।
आयोजकों की ओर से भाऊ बाबू रोकड़े के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं बौद्ध गीत-संगीत के क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।



